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वैज्ञानिकों का दावा, कोरोना से निपटने के लिए फिलहाल सबसे असरदार है टीबी का टीका, जानिये क्यों

By भाषा | Updated: June 13, 2020 08:25 IST

Coronavirus vaccine and treatment: वैज्ञानिक पोलियो के टीके का भी परीक्षण करेंगे

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ठळक मुद्देपता लगाया जाएगा कि क्या टीबी का टीका कोरोना वायरस के प्रभाव की गति धीमी कर सकता हैकरोड़ों लोगों ने टीबी और पोलियो से बचाव के टीकों का इस्तेमाल किया हैबीसीजी को खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पहले ही मंजूरी दी है

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस ने अब तक 428,236 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है जबकि 7,732,485 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। भारत में मरने वालों की संख्या 8,890 हो गई है और 309,603 लोग संक्रमित हुए हैं। कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है। हालांकि वैज्ञानिक दिन-रात इसका खोजने में जुटे हैं।  

इस बीच कोरोना से लड़ने के लिए अमेरिका के अनुसंधानकर्ता घातक कोरोना वायरस से बचाव के लिए क्षय रोग और पोलियो टीकों के इस्तेमाल की संभावना के संबंध में अध्ययन कर रहे हैं। ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ समाचार पत्र ने बताया कि इस बात का पता लगाने के लिए परीक्षण किए जा रहे हैं कि क्या टीबी यानी क्षय रोग का टीका कोरोना वायरस के प्रभाव की गति धीमी कर सकता है या नहीं। 

टीबी का टीका एकमात्र उम्मीद समाचार पत्र ने ‘टेक्सास ए एंड एम हेल्थ साइंस सेंटर’ में रोग प्रतिरोधी क्षमता विज्ञान के प्रोफेसर जेफ्री डी सिरिलो के हवाले से कहा, ‘‘विश्व में यही एकमात्र टीका है जो कोरोना वायरस से निपटने लिए के फिलहाल इस्तेमाल किया जा सकता है।’’

 

‘जॉन हॉप्किन्स कोरोना वायरस रिसोर्स सेंटर’ के अनुसार इस संक्रमण से दुनियाभर में 75,00,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4,20,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में दुनिया में सर्वाधिक 20 लाख 20 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं जिनमें से 1,13,000 लोगों की मौत हो चुकी है। 

बीसीजी टीके से मिल सकती है मदददुनियाभर के वैज्ञानिक इस बीमारी के उपचार के लिए टीका या दवाइयां तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ. सिरिलो बीसीजी के नाम से प्रचलित क्षय रोग के टीके संबंधी परीक्षण का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीसीजी को खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पहले ही मंजूरी दी है और उसके सुरक्षित इस्तेमाल का पुराना रिकॉर्ड रहा है।

पोलियो का टीका भी अहमरिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों के एक समूह ने कोविड-19 के असर को धीमा करने के लिए पोलियो के टीके का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा है। समूह ने कहा कि करोड़ों लोगों ने टीबी और पोलियो से बचाव के टीकों का इस्तेमाल किया है और ये कोरोना वायरस से लड़ने में मददगार हो सकते हैं।  

प्लाज्मा थेरेपी पर भी हो रहा है कामडॉक्टर कोविड-19 से स्वस्थ हुए कई लोग कोरोना वायरस के अन्य रोगियों को ठीक करने में मदद के लिए अपने रक्त प्लाज्मा को दान करने की पेशकश कर रहे हैं । हालांकि इस बारे में अभी प्रामाणिक परिणाम भी नहीं आए हैं। वैज्ञानिक अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या प्लाज्मा दान से किसी व्यक्ति में पहले ही संक्रमण की रोकथाम हो सकती है? 

दुनियाभर के अस्पतालों में हजारों कोरोना वायरस रोगियों का इलाज स्वस्थ मरीजों के प्लाज्मा से करने का दावा किया गया है जिनमें अमेरिका में 20 हजार से अधिक लोग शामिल हैं। हालांकि इस बारे में अभी बहुत ज्यादा प्रमाण नहीं मिले हैं।

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