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Covid-19: वैज्ञानिकों का दावा, कोरोना का इलाज कर सकती है कीड़े-मकौड़े मारने वाली और बिल्लियों के इलाज में यूज होने वाली दवा

By उस्मान | Updated: August 29, 2020 09:18 IST

Coronavirus medicine and treatment : वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया है कि इन दवाओं में कोरोना को रोकने के क्षमता होती है

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ठळक मुद्देकीड़े-मकौड़ों की दवाओं में पाया जाता है सिट्रियोडिओलबिल्लियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोना के खिलाफ कारगरकोशिकाओं में विषाणु को बनाने से रोकने में प्रभावी

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। चीन से निकली इस खतरनाक बीमारी की चपेट में अब तक 24,908,975 आ चुके हैं और 841,331 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना वायरस की दवा और वैक्सीन बनाने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और कई वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में है। 

फिलहाल कोरोना के मरीजों का दूसरे रोगों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का उपयोग किया जा रहा है। दवाओं को लेकर लगातार अध्ययन हो रहे हैं। इस बीच एक अध्ययन में यह सामने आया है कि कीड़े-मकौड़े मारने वाली दवाओं में मिलने वाली सामग्री कोरोना वायरस से बचाव कर सकती है। एक अन्य अध्ययन में यह जानकारी मिली है कि बिल्लियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर है।

कीड़े-मकौड़ों की दवाओं में पाया जाता है सिट्रियोडिओलब्रिटेन की रक्षा प्रयोगशाला द्वारा किए गए एक प्रारंभिक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कीड़े-मकौड़ों को मारने वाली दवाओं में पाया जाने वाला एक सक्रिय पदार्थ कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस से बचाव प्रदान कर सकता है।

डिफेंस साइंस एंड टेक्नोलॉजी लैबोरेटरी (डीएसटीएल) के वैज्ञानिकों ने एक बयान में कहा कि मोसी-गार्ड (मच्छर मारने वाली दवा) जैसी कीटनाशक दवाओं में सक्रिय पदार्थ, सिट्रियोडिओल में विषाणु रोधी विशेषताएं पाई गई जब एक परीक्षण सतह पर उन्हें द्रव चरण में वायरस के साथ मिश्रित किया गया। 

सार्स-सीओवी-2 में कमी देखी गईअध्ययन के अप्रकाशित परिणामों के मुताबिक, 'मोसी गार्ड स्प्रे या चयनित संघटक के साथ वायरस सस्पेंशन को मिलाने से सार्स-सीओवी-2 में कमी देखी गई।' हालांकि यह साफ नहीं है कि यह स्प्रे बार-बार हाथ धोने और अल्कोहल निर्मित हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल कर वायरस से बचाव के उपाय के अलावा कोई अंतर पैदा कर पाएगा या नहीं।

सिट्रिओडियोल यूकालिप्टस सिट्रिओडोरा पेड़ के पत्तों एवं टहनियों से मिलता है और इसे डीट का प्राकृतिक विकल्प बताया जाता है जो कीट मारने वाली दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक अन्य पदार्थ है। 

सैन्य विशेषज्ञों ने प्रयोग के लिए दो तरीके अपनाए। पहले तरीके में उत्पाद के विषाणु रोधी गतिविधि का आकलन किया गया जब इसे द्रव की बूंद के रूप में सीधे वायरस पर डाला गया। वहीं, दूसरे तरीके में उत्पाद का आकलन इसे लेटेक्स से बनी 'सिंथेटिक त्वचा' पर लगाकर किया गया। 

एक मिनट में शुरू हो जाता है असरअध्ययन में पाया गया कि एक मिनट के द्रव सस्पेंशन परीक्षण में दिखा कि अगर विषाणु को द्रव चरण में मिलाया जाए तो मोसी गार्ड में सार्स-सीओवी-2 इंग्लैंड-2 आइसोलेट के खिलाफ विषाणु रोधी गतिविधि करता है। लेटेक्स पर किए गए अध्ययन में भी यही बात सामने आई। वैज्ञानिकों ने कहा कि वे अपने प्रारंभिक परिणाम इस उम्मीद में साझा कर रहे हैं कि इस पर और अनुसंधान किया जाएगा। 

बिल्लियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोना के खिलाफ कारगरबिल्लियों में घातक वायरल बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा मनुष्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में भी प्रभावी साबित हो सकती है। एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है जिसके परिणाम कोविड-19 के उपचार में नये चिकित्सकीय तरीकों को विकसित करने में मदद दे सकते हैं। 

कोशिकाओं में विषाणु को बनाने से रोकने में प्रभावी अध्ययन के मुताबिक, यह दवा सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित प्रयोगशाला में विकसित कोशिकाओं में विषाणु को प्रतिकृति बनाने से रोकने में प्रभावी है। एलबर्टा यूनिवर्सिटी में जीव रसायन के प्राध्यापक जोआन लेमिक्स ने कहा, 'बहुत संभव है कि यह दवा मनुष्यों में भी काम कर जाए, इसलिए हम इस बात से उत्साहित हैं कि यह कोविड-19 के मरीजों में प्रभावी वायरस रोधी इलाज साबित होगा।' 

वैज्ञानिकों ने पाया कि यह दवा प्रतिकृति बनाने की विषाणु की क्षमता को बाधित करती है और संक्रमण को खत्म करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह दवा शरीर के कुछ प्रोटीज अणुओं को बाधित करने वाली है जो शरीर की कई क्रियाओं में प्रमुख होते हैं और 'उच्च रक्तचाप से लेकर कैंसर और एचआईवी तक' सभी के इलाज में दवाओं के आम लक्ष्य होते हैं। यह अध्ययन 'नेचर कम्युनिकेशन्स' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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