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COVID-19 treatment at home: अस्पताल में नहीं मिल रहा बिस्तर?, घर को ही बनाएं अस्पताल, ऐसे करें इलाज की तैयारी

By उस्मान | Updated: June 23, 2020 10:20 IST

coronavirus treatment at home : अगर आपको अस्पताल में बिस्तर नहीं मिला है तो आप घर पर ही मरीज का इलाज कर सकते हैं, जानिये कैसे

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ठळक मुद्देकोरोना के मामले बढ़ने से अस्पतालों में बिस्तर मिलना हुआ मुश्किलकोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों का घर में इलाज संभवजानिये घर में इलाज के लिए आपको किन-किन चीजों की जरूरत

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकली से इस महामारी से देश में अब तक 440,450 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 14,015 लोगों की मौत हो गई है। संक्रमितों में से 248,137 लोग सही होकर घर चले गए हैं और 178,298 मरीजों का इलाज चल रहा है। 

लॉकडाउन खुलने के बाद संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देश में अब रोजाना दस हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। देश में सोमवार को कोविड-19 के 14,821 नए मामले दर्ज किए गए और 445 मौतें हुईं। 

मरीज बढ़ने से बिस्तर मिलना हुआ मुश्किल

संक्रमितों के मामले बढ़ने से अस्पतालों की बुरी हालत हो गई है। मरीजों को बिस्तर मिलना नहीं मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि कई डॉक्टर मरीजों को अपने-अपने घरों में रहकर कोरोना के इलाज की सलाह दे रहे हैं। सवाल यह है कि अगर कोविड 19 रोगियों के लिए बिस्तर उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसे में किया क्या जाए?

हल्के लक्षण वाले मरीजों का घर में हो सकता है इलाज

हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉक्टर के के अग्रवाल के अनुसार, इस समस्या के समाधान के रुप में यह बात निकलकर आयी है कि कोविड 19 के 70 से 80 प्रतिशत मामले हल्के लक्षणों वाले होते हैं, यानि अगर मरीज को घर पर क्वारंटाइन करके देखभाल में रखा जाए, तो वह ठीक हो सकता है।

यदि आपके परिवार में किसी को कोविड 19 की समस्या है तो आप उसे लेकर घूमते रहेंगे लेकिन आपको बिस्तर नहीं मिलेगा और अगर आपको 4 से 5 घंटे के भीतर आइसोलेशन या क्वारंटिन की सुविधा न दी गई तो हालत बहुत पेचीदा हो जाएगी।

परंतु वह कौन-सी सावधानियां हैं, जिनके पालन से रोगी और उसके घरवालों को बिना किसी खतरे के क्वारंटाइन किया जा सकता है या ठीक रखा जा सकता है। चलिए जानते हैं कि कोरोना के इस दौर में हर घर में वह कौन से टूल्स होने चाहिए, जिनसे व्यक्ति स्वंय को और घर के दूसरे लोगों को इस बीमारी से बचा सकता है। 

हर घर में हो ऑक्सीजन मीटर

डॉक्टर के अनुसार, कोरोना संकट में हर घर में एक ऑक्सीज़न मीटर जिसे कोविड मीटर भी कहते हैं, होना अनिवार्य है। इस मीटर से यह पता लगाने में आसानी होती है कि शरीर में ऑक्सीज़न की मात्रा कम तो नहीं हो रही है। इसके साथ ही ऑक्सीज़न कंसल्टट्रेटर की भूमिका भी बहुत अहम है, इसलिए वह भी उपलब्ध होना चाहिए। 

ऑक्सीज़न कंसल्टट्रेर व्यक्ति को 5 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन देने का काम करता है। अगर यह दो चीजें आपके पास हैं तो आप घर पर ही कोरोना इमरजैंसी को संभाल सकते हो। अगर एक व्यक्ति ये नहीं कर सकता तो सभी घरवाले मिलकर इसका इंतेजाम करें या आरडब्ल्यूए इसका इंतजाम करे। 

आज किसी भी हाल में हर घर में ऑक्सीजन कंसल्टट्रेटर होना अनिवार्य है। आपको जब तक बिस्तर न मिले तब तक 5 लीटर ऑक्सीजन आप खुद को दे सकें। अगर घर के अंदर ऑक्सीजन मीटर और कंसल्टट्रेटर का इंतजाम कर लेते हैं तो महामारी की इस त्रासदी से खुद को बचा सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

यदि आपके लक्षण कितने हल्के हैं कि आप घर पर ठीक हो सकते हैं, तो आपको यह करना चाहिए: - आराम करना आपको बेहतर महसूस करा सकता है और आपके ठीक होने की गति को तेज कर सकता है। - घर पर रहें और काम, स्कूल, या सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें। - तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। निर्जलीकरण लक्षणों को बदतर बना सकता है और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। - यदि आपके लक्षण बदतर हो जाते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बुलाएं। - फोन किए बिना उनके कार्यालय में मत जाओ। वे आपको घर पर रहने के लिए कह सकते हैं। - अपने डॉक्टर से ओवर-द-काउंटर दवाओं के बारे में पूछें जो आपके बुखार को कम करने के लिए एसिटामिनोफेन की तरह मदद कर सकती हैं।

कोरोना का पारंपरिक उपचार

कोरोना से निपटने के लिए कई आयुर्वेदिक और घरेलू उपचारों को असरदार माना जा रहा है। आयुष मंत्रालय ने भी हल्दी, अदरक, लहसुन और दालचीनी जैसी करीब दस चीजों को कारगर बताया है। आप इन चीजों को काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा रोजाना गर्म पानी पीना और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने पर भी जोर दिया गया है ताकि इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाया जा सके।

अस्पताल या डॉक्टर के पास कब जायें

यदि आपकी बीमारी बिगड़ रही है या सात दिनों के बाद भी आपके लक्षणों में सुधार नहीं हुआ है, तो आपको जल्द से जल्द चिकित्सा की तलाश करनी चाहिए। अगर आपके लक्षण गंभीर है तो आपको तुरंत अस्पताल जाना चाहिए और कोरोना की जांच करानी चाहिए। 

उदहारण के लिए आप घर पर अपने लक्षणों का सामना नहीं कर पा रहे हैं, आपकी हालत खराब होती जा रही है, आपको अभी भी बुखार है, आम तौर पर अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं या एक सप्ताह के बाद भी अन्य लक्षण हैं, आप रोजमर्रा के काम करने में असमर्थ हैं जैसे आपका फोन देखना, पढ़ना या बिस्तर से उठना।

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