Coronavirus : Newspapers don’t spread virus, things that can spread covid-19 or coronavirus | अखबार के जरिये नहीं फैलता कोरोना, जानें किन-किन चीजों से फैल रहा है वायरस
अखबार के जरिये नहीं फैलता कोरोना, जानें किन-किन चीजों से फैल रहा है वायरस

इंटरनेशनल न्यूज मीडिया एसोसिएशन ने स्वास्थ्य एजेंसियों और चिकित्सा विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि प्रिंट अखबार, पत्रिका, पत्र या पैकेज के माध्यम से प्रेषित होने वाले कोरोना वायरस के लिए कोई रिकॉर्ड या कोई सबूत नहीं है। 

टेलीग्राफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईएनएमए के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्ल विल्किंसन ने कहा कि सभी वैज्ञानिक प्रमाणों से पता चलता है कि अखबारी कागज, जिसमें अखबारी कागज शामिल हैं, कोरोनावायरस से सुरक्षित हैं। 

उन्होंने बताया कि बेशक समाचार पत्र स्याही और छपाई जैसी कई प्रक्रिया से गुजरते हैं लेकिन अखबार के माध्यम से कभी भी कोरोनो वायरस संक्रमित होने की सूचना नहीं मिली है। 

यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, द सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एंड प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला था कि कोरोनो वायरस चिकनी, गैर-छिद्रपूर्ण सतहों पर सबसे लंबे समय तक रहता है।

अध्ययन में पाया गया है कि कोरोना वायरस एरोसोल, प्लास्टिक, स्टेनलेस स्टील, कॉपर और कार्डबोर्ड के अलावा तांबे के माध्यम से फैलता है। 

कोरोना वायरस कैसे फैलता है ?

आमतौर पर कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसके अलावा खुली हवा में खांसने या छींकने से, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने या गले लगने से, किसी संक्रमित वस्तु या सतह को छूने से। 

प्लास्टिक और स्टील कितने दिन रहता है कोरोना वायरस ?

सीएनएन पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस प्लास्टिक और स्टील जैसी सतहों पर तीन दिनों तक जीवित रह सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि इन तीन दिनों में अगर किसी व्यक्ति ने संक्रमित सतहों को किसी तरह छू लिया तो वो कोरोना की चपेट में आ सकता है। इसे लेकर यूसीएलए और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन किया है। 

इस तरह शरीर में घुसता है कोरोना वायरस

अब सवाल यह है कि क्या सिर्फ सतह को छूने से संक्रमण फैल सकता है, तो वैज्ञानिकों ने पाया कि संक्रमित सतह को छूने के बाद अगर व्यक्ति अपने चेहरे, आंख और नाक को छूता है, तो वायरस उसके शरीर में प्रवेश करके उसके फेफड़ों में जमा हो सकता है। एक बार जब यह फेफड़ों में पहुंच जाता है, तो इससे बचना मुश्किल हो जाता है।

लकड़ी, कांच पर कितने दिन रहता है कोरोना वायरस ?

बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक दूसरा अध्ययन जर्नल ऑफ हॉस्पिटल इन्फेक्शन में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया है कि कोरोना वायरस 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टील पर दो दिनों तक, लकड़ी और कांच पर चार दिनों तक, मेटल यानी धातु पर पांच दिनों तक, प्लास्टिक और चीनी मिट्टी की चीजों पर पांच दिनों तक रह सकता है। 

ठंडे कमरे में कितने दिन रहता है कोरोना वायरस ?

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मौत का यह वायरस एक ठंडे कमरे में किसी प्लास्टिक की सतह पर नौ दिनों तक रह सकता है। यह वायरस एल्यूमीनियम पर दो घंटे और लेटेक्स पर आठ घंटे से कम रहता है। 

क्या पैसों, बालों और कपड़ों मसे फैल सकता है कोरोना वायरस ?

शोधकर्ताओं ने माना है कि पैसे, बाल, और कपड़े जैसे हवा पास होने वाली चीजों पर वायरस लंबे समय तक जीवित नहीं रहता है क्योंकि ऐसी चीजों में रिक्त स्थान या छेद सूक्ष्म जीव को फंसा सकते हैं और इसे प्रसारित होने से रोक सकते हैं। 

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