लाइव न्यूज़ :

पानी के लिए प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल बेहद खतरनाक, कैंसर समेत कई बीमारियां होने की संभावना

By रुस्तम राणा | Updated: April 25, 2022 15:24 IST

एक अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक की ऐसी बोतलों में भरा पानी आपको नहीं पीना चाहिए, जो लंबे समय से गर्मी या धूप में रखी हों। क्योंकि इससे आपको कैंसर जैसी तमाम बीमारियों हो सकती हैं।

Open in App
ठळक मुद्देमाइक्रो-प्लास्टिक के कारण पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैंस्तन कैंसर, कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना

नई दिल्ली: बड़ी-बड़ी प्लास्टिक की बोतलों में आपके घर या ऑफिस में जो पानी पहुंचाया जा रहा है वह जल आपकी सेहत के लिए बेहद खतरना साबित हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक की ऐसी बोतलों में भरा पानी आपको नहीं पीना चाहिए, जो लंबे समय से गर्मी या धूप में रखी हों। क्योंकि इससे आपको कैंसर जैसी तमाम बीमारियों हो सकती हैं।

नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये पानी की बोतलें चिलचिलाती गर्मी में कई दिनों तक लगातार रहती हैं। प्लास्टिक का अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं ने पाया है कि लंबे समय से गर्म स्थानों में रखी जाने वाली बोलतों में लगातार धूप लगती है। ऐसी स्थिति में संभव है कि प्लास्टिक से निकलने वाला रसायन पानी में घुल सकता है।

प्लास्टिक बोतलों के पानी को पीने से पहले जरूर सोचें

ऐसी बोतलों का पानी पीने से पहले आपको दो बार सोचना चाहिए कि क्या यह कहीं लंबी अवधि के लिए तेज धूप में तो नहीं रखा है। नेशनल ज्योग्राफिक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लास्टिक की वस्तुएं पेय या भोजन में थोड़ी मात्रा में रसायन छोड़ती हैं। जैसे-जैसे तापमान और समय बढ़ता है, प्लास्टिक में रासायनिक बंधन तेजी से टूटते हैं और रसायनों के रिसने की संभावना अधिक होती है।

क्या कहती है डॉक्टर की सलाह

डॉ संदीप गुलाटी ने एनबीटी को बताया है  कि प्लास्टिक की बोतलों से पानी का सेवन करते रहने से माइक्रो-प्लास्टिक के कारण पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इससे हार्मोनल असंतुलन भी हो सकता है जिससे पीसीओएस, डिम्बग्रंथि के मुद्दे, स्तन कैंसर, कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कई अन्य हो सकते हैं।

प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने के खतरे

डाइऑक्सिन उत्पादन: सूर्य के सीधे संपर्क में गर्मी से डाइऑक्सिन नामक विष निकलता है जिसका सेवन करने पर स्तन कैंसर में तेजी आ सकती है।

बीपीए जनरेशन: बाइफिनाइल ए एक एस्ट्रोजन-नकल करने वाला रसायन है जो लड़कियों में मधुमेह, मोटापा, प्रजनन समस्याओं, व्यवहार संबंधी समस्याओं और शुरुआती यौवन जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। प्लास्टिक की बोतल से पानी को स्टोर और पीना बेहतर नहीं है।

प्रतिरक्षा प्रणाली: जब हम प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीते हैं तो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली काफी प्रभावित होती है। प्लास्टिक की बोतलों से निकलने वाले रसायन हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को खराब कर देते हैं।

लीवर कैंसर और कम शुक्राणु संख्या: प्लास्टिक में phthalates नामक एक रसायन की उपस्थिति के कारण, प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने से लीवर कैंसर और शुक्राणुओं की संख्या में कमी भी हो सकती है। 

 

टॅग्स :कैंसरहेल्थ टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यInternational Women's Day 2026: महिला दिवस के मौके पर तीस हजारी कोर्ट में कैंसर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब