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कैंसर को रोककर मौत का जोखिम 30% कम करती है घर-घर में मिलने वाली ये गोली, 14 गोली सिर्फ 4 रुपये की

By उस्मान | Updated: October 6, 2018 13:26 IST

अध्ययन में पता चला कि कुछ प्रकार के कैंसर के मामले में एस्प्रिन लेने वाले मरीजों की जीवित रहने की संभावना 20 से 30 फीसदी अधिक थी।

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एस्प्रिन (Aspirin) एक दर्दनिवारक दवा है जिसे एसिटाइलसैलिसाइलिक एसिड भी कहा जाता है। यह औषधि आपके कई कई काम आ सकती है। यह आपकी त्वचा के लिए भी बहुत काम की चीज है। अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक थोड़ी मात्रा में एस्प्रिन का इस्तेमाल गर्भवती मिहलाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विज्ञान की एक जानी मानी पत्रिका 'लेनसेट' में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि यह दवा हृदय रोगों से बचने के लिए फायदेमंद है। हाल ही में एक नया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इस बात का दावा किया है कि दर्द निवारक दवा एस्प्रिन लेने से कैंसर रोगियों के जीवित रहने की संभावना बढ़ सकती है। इतना ही नहीं इस दवा के इस्तेमाल से शरीर के अन्य भागों में बीमारी फैलने का खतरा भी कम हो सकता है।

कैंसर को ऐसे फैलने से रोकती है एस्प्रिन शोधकर्ताओं ने 71 चिकित्सा अध्ययनों का विश्लेषण किया, जिसमें एस्प्रिन लेने वाले कैंसर पीड़ित 1,20,000 रोगियों और एस्प्रिन नहीं लेने वाले चार लाख रोगियों के जीवन जीने की संभावना को देखा गया। इसमें पता चला कि कुछ प्रकार के कैंसर के मामले में एस्प्रिन लेने वाले मरीजों की जीवित रहने की संभावना 20 से 30 फीसदी अधिक थी। एस्प्रिन का इस्तेमाल करने वाले रोगियों के शरीर के अन्य भागों तक कैंसर के फैलाव में भी काफी कमी आई। ब्रिटेन में कार्डिफ विश्वविद्यालय के पीटर एलवुड ने कहा, 'हृदय रोग, आघात और कैंसर में निवारक के रूप में एस्प्रिन की कम खुराक का इस्तेमाल अच्छी तरह से स्थापित है लेकिन अब ऐसा साक्ष्य सामने आ रहा है जिसमें यह पता चल रहा है कि इस दवा की कैंसर के वैकल्पिक उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।'  

हार्ट अटैक का खतरा कम नहीं करती एस्प्रिन न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित तीन अध्ययनों के मुताबिक रोजाना एस्प्रिन की खुराक लेने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम नहीं होता। 'एएसपीआरईई' नाम के इस अध्ययन में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के 19,000 से अधिक लोगों पर सात से ज्यादा अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, 70 साल के अपेक्षाकृत स्वस्थ्य बुजुर्गों को प्रतिदिन एस्प्रिन की हल्की डोज (100 मिलीग्राम) देने के बावजूद उनमें दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम नहीं हुआ और न ही वृद्धावस्था से जुड़ी अन्य प्रकार की बीमारियों का खतरा कम हुआ।

एस्पिरिन के साइड इफेक्ट्स1) अस्‍थमा या अन्य सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को एस्‍पिरिन नहीं लेनी चाहिए क्‍योंकि ये फेफड़ों में ऐंठन पैदा कर सकती है।

2) कुछ लोगों को कई चीजों से एलर्जी होती है। एस्‍पिरीन से भी कई लोगों को एलर्जी हो जाती है।

3) इसके लगातार सेवन से इंटरनल ब्‍लीडिंग का खतरा होता है। क्‍योंकि यह खून को बहुत पतला कर देती है।

4) 16 साल की उम्र के बच्चों को इसे देने से उनके लीवर और दिमाग में सूजन पैदा हो सकती है।

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