लाइव न्यूज़ :

गठिया रोग की आयुर्वेदिक दवा : गठिया के दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए इस्तेमाल करें ये 8 जड़ी बूटी

By उस्मान | Updated: August 10, 2020 14:11 IST

गठिया का अचूक इलाज : बताया जाता है कि गठिया के लिए घरेलू उपचार में ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां कारगर हैं

Open in App
ठळक मुद्दे गठिया जोड़ों की एक दर्दनाक समस्या हैइस स्थिति में घुटनों में दर्द के सूजन भी आ जाती हैआजकल कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं

गठिया यानी अर्थराइटिस आजकल सबसे आम स्वस्थ समस्याओं में से एक है। गठिया जोड़ों की एक दर्दनाक समस्या है जिसमें मरीज को चलने-फिरने और उठने-बैठने में परेशानी होती है। इस स्थिति में घुटनों में दर्द के सूजन भी आ जाती है। यह कई स्थानों जैसे घुटनों, उंगलियां, कोहनी, जबड़े या कूल्हे में हो सकता है।यह जोड़ों को घेरने वाली नसों के परिणामस्वरूप बहुत दर्दनाक हो सकता है  

वैसे तो यह समस्या बुजुर्गों को परेशान करती है लेकिन आजकल कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। दुर्भाग्यवश इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। वैसे एक्सपर्ट्स मानते हैं कि खान-पान और जीवन शैली में बदलाव करके इसे कंट्रोल किया जा सकता है। 

गठिया के कारण

ऐसा माना जाता है कि कुछ लोगों में गठिया जेनेटिक समस्या है। यानी अगर आपके परिवार में किसी को यह समस्या थी तो संभव है आपको भी हो जाए। अन्य मामलों में चोट, संक्रमण, शुगर, आहार की आदतें गठिया का कारण बन सकती हैं। 

गठिया के जोखिम करक

गाउट गठिया के सबसे आम रूप में से एक है जो यूरिक एसिड में वृद्धि के कारण होता है। गठिया के कुछ जोखिम कारक हैं, उच्च रक्तचाप, मोटापा, धूम्रपान, शुगर, आयु, शराब पीना आदि।

जड़ी बूटी से गठिया का इलाज

गठिया को कंट्रोल करने में कुछ आयुर्वेदिक दवाएं और जड़ी बूटियां बहुत अच्छी भूमिका निभाती हैं। डॉक्टर भी मरीजों को खाने पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। हम आपको कुछ ऐसी जड़ी बूटियों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप गठिया में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह घरेलू नुस्खे सबसे सुरक्षित उपचार होते हैं।

अश्वगंधा

अश्वगंधा शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करता है, मल को निकालता है और श्वास को नियंत्रित करता है। इसके लिए चिकित्सक की सलाह पर 3-6 ग्राम अश्वगंधा जड़ों के पाउडर का सेवन करें। इसका पूरे शरीर पर विशेष रूप से वात स्थानों पर जैसे जोड़ों, तंत्रिकाओं, लिगामेंट्स और मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। 

पुनर्नवायह जड़ी बूटी जोड़ों में सूजन और दर्द कम करती है। चिकित्सक की सलाह पर 3 ग्राम बदनाव जड़ों का पाउडर और 5-10 मिलीलीटर पुनर्नवा जड़ों के जूस का सेवन करें। यह अपच के कारण विषाक्त पदार्थों को कम करता है और कब्ज से राहत देता है। यह लिवर को भी साफ करता है और मेटाबोलिज्म को ठीक करता है।

त्रिफला

एक और जड़ी बूटी है जो आयुर्वेद में उपयोगी पाई जाती है। त्रिफला तीन जड़ी बूटियों (अमलकी, हरितकी और बिभीतकी) का निर्माण करता है। इन जड़ी बूटियों में सूजन-रोधी गुण होते हैं। 

हल्दी आमतौर पर भारतीय रसोई में हल्दी का उपयोग किया जाता है। हल्दी में अद्भुत इलाज गुण होते हैं। हल्दी का उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जा सकता है और गठिया उनमें से एक है। हल्दी सूजन वाले गठिया से उबरने में आपकी मदद कर सकती है। 

अदरक

अदरक गठिया में सूजन को कम करने में उपयोगी होता है। अदरक का नियमित उपयोग शरीर में सूजन और गठिया रोग की शुरुआत को होने से रोकता है। गठिया में ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण ऊतक और जोड़ों की क्षति की रोकथाम में अदरक मदद करता है।

शल्लकीशल्लकी एक बहुत लोकप्रिय प्राकृतिक सूजन विरोधी जड़ी बूटी है, जो पूरे विश्व में आयुर्वेद के चिकित्सकों द्वारा उपयोग की जाती है। शल्लकी को दर्द और सूजन को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह किसी भी नुकसान को बिना हड्डियों के स्पॉन्डिलाइटिस और अन्य गठिया के दर्द से मुक्ति दिलाती है।

नीलगिरी

नील गिरी तेल का अर्क जोड़ों में गठिया के दर्द और सूजन को ठीक करने में मदद करता है। नीलगिरी के पत्तों में टैनिन होता है जो जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करता है। नीलगिरी गठिया का आयुर्वेदिक इलाज है। नीलगिरी के रस को निचोड़ कर प्रभावित जोड़ों पर लगाया जाता है जो बाद में हीटिंग पैड द्वारा हल्का गर्म कर दर्द में आराम देता है।

अजवाइन अजवाइन के बीजों में स्वास्थ के लिए कई पोषक तत्व होते हैं, जिनमें इनके सूजन विरोधी गुण के कारण यह गठिया से ग्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा, इसमें पेट की दर्द और सूजन को कम करने के गुण भी होते हैं। अजवाइन के बीजों में एंटीबायोटिक यौगिक होते हैं, जो सूजन और इससे संबंधित अन्य लक्षणों जैसे लाली, से निपटने में सहायता करते हैं।

टॅग्स :घरेलू नुस्खेहेल्थ टिप्सडाइट टिप्सहेल्थी फूडमेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब