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NEET Result 2020: पांच अक्टूबर तक परिणाम, मेडिकल कॉलेजों की 80 हजार सीटें, 16 लाख छात्रों ने लिया भाग

By एसके गुप्ता | Updated: September 30, 2020 18:25 IST

कोरोना काल में 16 लाख छात्रों की पेन-पेपर आधारित एक दिन में होने वाली यह अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा है। जिसके परिणाम का परीक्षार्थियों को बेसब्री से इंतजार है। इस परीक्षा में करीब 85 फीसदी छात्र परीक्षा उपस्थित हुए थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा की आंसर की जारी कर छात्रों को 48 घंटे में रिस्पॉन्स का समय दिया था।

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ठळक मुद्देजॉइंट एंट्रेंस एक्जामिनेशन (जेईई) मुख्य परीक्षा की तुलना में नीट परीक्षा के परिणाम आने में काफी समय लग रहा है।जेईई मुख्य परीक्षा का परिणाम परीक्षा के बाद छठे दिन जारी कर दिया गया था। नीट परीक्षा परिणाम में देरी की वजह परीक्षा का कम्प्यूटर बेस्ड न होकर मेन्युअल होना है।

नई दिल्लीः देश में मेडिकल कॉलेजों की 80 हजार सीटों को भरने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से नीट-यूजी परीक्षा का परिणाम 5 अक्टूबर तक जारी किया जाएगा। 

कोरोना काल में 16 लाख छात्रों की पेन-पेपर आधारित एक दिन में होने वाली यह अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा है। जिसके परिणाम का परीक्षार्थियों को बेसब्री से इंतजार है। इस परीक्षा में करीब 85 फीसदी छात्र परीक्षा उपस्थित हुए थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा की आंसर की जारी कर छात्रों को 48 घंटे में रिस्पॉन्स का समय दिया था।

छात्रों के रिस्पॉन्स के बाद परिणाम तैयार किया जा रहा है। एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जॉइंट एंट्रेंस एक्जामिनेशन (जेईई) मुख्य परीक्षा की तुलना में नीट परीक्षा के परिणाम आने में काफी समय लग रहा है। जेईई मुख्य परीक्षा का परिणाम परीक्षा के बाद छठे दिन जारी कर दिया गया था। 

नीट परीक्षा परिणाम में देरी की वजह परीक्षा का कम्प्यूटर बेस्ड न होकर मेन्युअल होना है। इससे परीक्षा की ओएमआर शीट को स्कैन करने में काफी समय लगता है। इसके बाद छात्रों को अपने जवाब जांचने और जारी आंसर की में यदि कोई त्रुटि है तो उसे चैलेंज करने का अवसर दिया जाता हैं। यह सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिससे अगले चार से पांच दिनों में परिणाम जारी किया जाएगा।

देश के 536 मेडिकल कॉलेजों में करीब 80 सीटें हैं। इनमें आधी सीटें सरकारी कॉलेजों के पास हैं और आधी निजी मेडिकल कॉलेजों के पास। एनएमसी बिल कानून में निजी कॉलेजों की 50 फीसदी सीटें यानि 20 हजार सीटों की फीस तय करने का अधिकार सरकार को दिया गया है। इस तरह 75 फीसदी मेडिकल सीट यानि करीब 60 हजार सीटों की फीस सरकार निर्धारित करेगी।

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