साइबर गैंग के 600 व्हाट्सएप ग्रुप बैन, 12 गिरफ्तार?, शेयर बाजार में निवेश करने वाले 1.5 लाख लोग सेफ?
By राजेंद्र कुमार | Updated: February 7, 2026 17:55 IST2026-02-07T17:54:34+5:302026-02-07T17:55:40+5:30
अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए गैंग के 12 सदस्यों को ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से गिरफ्तार किया.

सांकेतिक फोटो
लखनऊः उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ जिला देश भर में लोगों के घरों की सुरक्षा करने वाले ताले बनाने के लिए विख्यात है. इसी जिले के एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी दिनेश शर्मा के साथ शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक करोड़ 10 लाख रुपए की साइबर ठगी हो गई. इस मामले की शिकायत दिनेश शर्मा ने पुलिस से की. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण अमृत जैन और उनकी टीम ने जांच शुरू की. जल्दी ही इन लोगों ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए गैंग के 12 सदस्यों को ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से गिरफ्तार किया.
इस गैंग के तार हांगकांग तक जुड़े हुए थे. एएसपी अमृत जैन के अनुसार, अगर पुलिस ने इन साइबर अपराधियों को पकड़ने में देर की होती तो इन लोगों ने शेयर बाजार में निवेश कराने के नाम पर करीब 1.5 लाख लोगों के 1200 करोड़ रुपयों को ठग लिया होता.
गैंग के 600 व्हाट्सएप ग्रुप बैन
अमृत जैन के मुताबिक, रिटायर्ड बैंक कर्मचारी दिनेश शर्मा से इस साइबर गैंग के शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक करोड़ 10 लाख रुपए की साइबर ठगी की थी. इस गैंग के लोगों ने दिनेश शर्मा को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर उन्हे शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में पैसा दोगुना करने का प्रलोभन दिया था.
इन लोगों के झांसे में आकर दिनेश शर्मा ने अपनी मेहनत की कमाई शेयर बाजार में लगाने के लिए उनके कहे पर काम किया और धोखाधड़ी का शिकार हो गए. अमृत जैन के अनुसार, यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था. लोगों को व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़कर शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में पैसा दोगुना करने का झांसा दिया जाता था.
फिर ठगी के पैसे को खपाने के लिए भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्जी फर्म और ‘म्यूचुअल बैंक अकाउंट’ खुलवाए जाते थे. यह साइबर ठग लोगों को डिजिटल माध्यम से बंधक बनाकर उन पर दबाव डालते थे और पैसे हांगकांग (विदेश) के बैंकों में ट्रांसफर करवाते थे. इनके नेटवर्क की जांच से यह पता चला कि इस गैंग ने ठगी के लिए 600 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे,
जिनमें लगभग डेढ़ लाख लोग जुड़े हुए थे. साइबर मिनिस्ट्री से संपर्क कर इन 600 व्हाट्सएप ग्रुप को देश में बैन करवा दिया है. इन व्हाट्सएप ग्रुप्स से जुड़े 1200 लोगों से 1200 करोड़ रुपए हड़पे जाने की योजना इस गैंग के लोगों के बनाई थी, पुलिस ने उन लोगों को इस गैंग से बचा लिया है.
इन्हें किया गया गिरफ्तार
अमृत जैन का कहना है कि इस साइबर गैंग के जिन 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, वह देश के अलग-अलग राज्यों से से हैं. ओडिशा से जगन्नाथ, देवाशीष, जितेंद्र, रंक निधि नायक को अरेस्ट किया गया है. उत्तराखंड से सूरज सिंह, रविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया. वहीं दुर्गेश (छत्तीसगढ़), सुरेंद्र कुमार (हरियाणा), नवनीत लहरी (राजस्थान) और रिजवान (यूपी) को भी अरेस्ट किया गया.
पकड़े गए अपराधियों के पास से तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद किया है. इनके पास से 5,64,000 रुपए नकद बरामद किए गए. इसके अलावा भारी मात्रा में पासबुक, चेक बुक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, एटीएम और सिम कार्ड, लैपटॉप, जियो राउटर, मोबाइल फोन, कैमरा और फर्जी फर्मों की मोहरें बरामद हुईं.
इस गैंग द्वारा दिनेश शर्मा से बैंक खाते में हड़पे गए पांच लाख 64 हजार रुपए वापस कराए हैं. अमृत जैन का कहना है कि आम लोग किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह पर भरोसा न करें. यदि कोई पैसा दोगुना करने का वादा करता है, तो वह निश्चित रूप से फ्रॉड है. निवेश हमेशा अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें.
गैंग से बरामद सामान
पासबुक व चेक बुक - 30
क्रेडिट कार्ड – 02
डेबिट/एटीएम कार्ड - 28
मोबाइल फोन - 23
सिम कार्ड - 13
फर्जी फर्म की मुहर - 09
जियो राउटर - 02
लैपटॉप - 01
कैमरा - 01