Madhya Pradesh bhopal Orders give five lakh rupees a month heirs of dead prisoners | मृत बंदी के वारिस को पांच लाख रुपए एक माह में देने के आदेश, जानिए पूरा मामला
मध्य प्रदेश व जिला दण्डाधिकारी ग्वालियर को अनुशंसा की प्रति भेजकर यथाशीघ्र काईवाई करने को कहा गया है.

Highlightsबंदी को विशेष जांच हेतु जिले से बाहर हायर उपचार सेंटर रेफर किया जाता है, तो जेल चिकित्सक यह सुनिश्चित करें कि हायर उपचार सेंटर में जरूरी जांच की सुविधा उपलब्ध है भी या नहीं?यदि सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो चिकित्सक से ऐसे उपचार सेंटर पर रेफर करवायें, जहां बंदी की शीघ्र जांच हो सके. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत पात्र है, तो उसका लाभ उन्हें स्थानीय इलाज के लिए दिए जाने के संबंध में भी विचार किया जाए.

भोपालः मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जैन एवं सरबजीत सिंह ने ग्वालियर के जया आरोग्य चिकित्सालय में एक दण्डित बंदी की इलाज में लापरवाही के कारण मृत्यु हो जाने के मामले में राज्य शासन को मृतक के वैध वारिस को क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपए एक माह में अदा करने की अनुशंसा की है.

आयोग ने राज्य सरकार को भेजी गई अपनी अनुशंसा में कहा है कि मृतक दण्डित बंदी शेरा उर्फ राजेश पुत्र हाकिम सिंह गौड़ की स्वास्थ्य संबंधित महत्वपूर्ण जांच के लिए उसे बहुत विलम्ब से हायर उपचार केन्द्र भेजने, जांच न कराकर उसके स्वास्थ्य के अधिकार की उपेक्षा एवं असामयिक मृत्यु के कारण एक माह में पांच लाख रुपए की क्षतिपूर्ति मृतक बंदी के वैध वारिस को दी जाये.

आयोग ने इस अनुशंसा में यह भी कहा है कि राज्य शासन द्वारा बीमार बंदियों को हायर सेंटर रेफर करने की स्थिति में बीमार बंदी की शीघ्र रवानगी की जवाबदारी जिस जेल में बंदी निरुद्ध है, के जेल अधीक्षक, जेलर एवं जेल चिकित्सक की तय की जाये. उपचार हेतु रवानगी के समय पुलिस बल प्राप्त करने की जवाबदारी जेल अधीक्षक एवं जेलर की सुनिश्चित की जाये.

बंदी को विशेष जांच हेतु जिले से बाहर हायर उपचार सेंटर रेफर किया जाता है, तो जेल चिकित्सक यह सुनिश्चित करें कि हायर उपचार सेंटर में जरूरी जांच की सुविधा उपलब्ध है भी या नहीं? यदि सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो चिकित्सक से ऐसे उपचार सेंटर पर रेफर करवायें, जहां बंदी की शीघ्र जांच हो सके.

जेल बंदियों की गम्भीर बीमारी के इलाज के लिए यदि वह प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत पात्र है, तो उसका लाभ उन्हें स्थानीय इलाज के लिए दिए जाने के संबंध में भी विचार किया जाए. आयोग द्वारा मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, जेल विभाग, प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक, मध्य प्रदेश, जेल महानिदेशक, मध्य प्रदेश व जिला दण्डाधिकारी ग्वालियर को अनुशंसा की प्रति भेजकर यथाशीघ्र काईवाई करने को कहा गया है.

Web Title: Madhya Pradesh bhopal Orders give five lakh rupees a month heirs of dead prisoners
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