Danish Kaneria admits to spot fixing charges after six years | पाकिस्तानी स्पिनर दानिश कनेरिया ने छह साल बाद मानी फिक्सिंग में भूमिका, कहा, 'मैं दोषी हूं'
दानिश कनेरिया ने छह साल बाद मानी फिक्सिंग में अपनी भूमिका

छह साल के इनकार के बाद आखिरकार पाकिस्तान के क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने फिक्सिंग स्कैंडल में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। इस स्कैंडल में शामिल होने की वजह से कनेरिया के एसेक्स के पूर्व साथी खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड को जेल जाना पड़ा था।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, 'कनेरिया ने अल जजीरा टेलिविजन को दिए एक इंटरव्यू में कहा, मेरा नाम दानिश कनेरिया है और मैं स्वीकार करता हूं कि मैं 2012 में इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा मेरे खिलाफ लगाए गए दो आरोपों में दोषी था।'

इस मामले में इंग्लिश क्रिकेट प्रमुख ने कनेरिया पर आजीवन प्रतिबंध लगाया है, जो प्रभावी ढंग से पूरी दुनिया में लागू होता है। लेग स्पिनर रहे कनेरिया ने इस घटना पर पश्चाताप जताते हुए अपने आजीवन बैन को हटाने की मांग की और कहा, 'मैं एसेक्स के अपने साथी खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड, अपने एसेक्स क्रिकेट क्लब, मेरे एसेक्स के क्रिकेट फैंस से माफी मांगना चाहता हूं। मैं पाकिस्तान से माफी मांगता हूं।' 

वेस्टफील्ड को अनु भट्ट नाम अवैध सटोरिए से 6000 पाउंड लेने की बात स्वीकार किए जाने के बाद दक्षिण-पूर्व लंदन स्थित बेलमार्स जेल में दो महीने काटने पड़े। वेस्टफील्ड को ये पैसा 2009 में इंग्लिश काउंटी के एक 40 ओवर के मैच में डरहम के खिलाफ एक ओवर में 12 रन खर्च करने के लिए दिया गया था। हालांकि वेस्टफील्ड ने एक ओवर में 10 रन ही खर्च किए लेकिन फिर भी उन्हें पूरे पैसे मिल गए।

कनेरिया ने इस मामले में 'बिचौलिए'की भूमिका निभाई थी, क्योंकि उन्होंने ही भट्ट की मुलाकात वेस्टफील्ड से कराई थी। लेकिन कनेरिया इस मामले में आपराधिक आरोपों से बच गए क्योंकि जब इंग्लैंड की कानूनी अथॉरिटीज ने कार्रवाई करने का निर्णय लिया तो उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं थे।

37 वर्षीय दानिश कनेरिया ने अपने टेस्ट करियर में 261 विकेट लिए हैं और वह अब भी पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर हैं। वह पाकिस्तान के लिए आखिरी बार 2010 में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में खेले थे और मार्च 2012 के बाद से कोई प्रथम श्रेणी मैच भी नहीं खेले हैं क्योंकि आईसीसी के निर्देशानुसार दुनिया के सभी बोर्डों ने ईसीबी द्वारा लगाए गए आजीवन बैन को बरकरार रखा है।

कनेरिया ने अपने बयान में कहा, 'मैं लोगों से माफी मांगना चाहता हूं। क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया और अब मैं भी वापस उसे कुछ देना चाहता हूं।'

कनेरिया ने कहा, 'अगर ईसीबी और आईसीसी और अन्य क्रिकेट संस्थाएं मुझे दूसरा मौका दें तो मैं क्रिकेट से जुड़े युवाओं को इस बात की शिक्षा दे सकता हूं कि कैसे गलत करने पर आप मेरी तरह खत्म हो सकते हैं।'   

कनेरिया ने कहा कि अपनी गलती को न मानने की वजह कैंसर पीड़ित अपने पिता के शर्मिंदा होने का डर था, जिनकी 2013 में इस बीमारी से मौत हो गई थी। कनेरिया ने कहा, 'उनका स्वास्थ्य लगातार खराब होता जा रहा था। मुझमें उनका सामना करने और ये बताने की मैं गलत हूं की हिम्मत नहीं थी। उन्हें मुझ पर बहुत गर्व था, और मैंने पाकिस्तान और अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए क्या किया था। मैं अपने पिता से माफी मांगना चाहता हूं जो हमेशा मेरे रोल मॉडल रहे हैं।'

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, जेल से छूटने के बाद प्रोफेशनल क्रिकेट से पांच साल के लिए प्रतिबंधित रहे वेस्टफील्ड ने ने कहा है कि उन्होंने कनेरिया की माफी स्वीकार कर ली है। वेस्टफील्ड ने कहा, 'स्पॉट फिक्सिंग के इस पूरे अध्याय ने मेरी जिंदगी बदलकर रख दी, लेकिन मैंने इस भयंकर गलती के लिए किसी को दोष नहीं दिया।'

उन्होंने कहा, 'हालांकि अपनी गलती के बारे में बताने और सच को सामने लाने से मुझे आगे बढ़ने में मदद मिली। मैं उम्मीद करता हूं ऐसा करके दानिश को भी शांति और इससे मुक्ति मिले, मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।'


Web Title: Danish Kaneria admits to spot fixing charges after six years
क्रिकेट से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे