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विस्ट्रॉन ने कर्नाटक के कारखाने की व्यवस्था में कमी पायी, उपाध्यक्ष को हटाया

By भाषा | Updated: December 19, 2020 19:35 IST

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नयी दिल्ली, 19 दिसंबर ताईवान की विस्ट्रॉन कंपनी ने कर्नाटक के कारखाने में उपद्रव और हिंसा की घटना के बाद उपाध्यक्ष विंसेट ली को हटा दिया है।

यह कंपनी अमेरिकी कंपनी एप्पल के लिए ठेके पर विनिर्माण कार्य करती है और विंसेट ली भारत में उसके परिचालन की निगरानी करते थे।

कंपनी ने शनिवार को कहा कि आंतरिक जांच में नरसापुर कारखाने में वेतन भुगतान व्यवस्था में कमियां दिखी है। कंपनी ने माना है कि यह गलती उसकी ओर से है और उसने इसके लिए मजदूरों से क्षमा मांगी है।

विस्ट्रॉन ने एक बयान में का, ‘‘हम अपने उस उपाध्यक्ष को हटा रहे हैं जो भारत में हमारे कारोबार की निगरानी करता था। हम व्यवस्था सुधार रहे हैं और अपनी टीम का पुनर्गठन कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।’’

इस बीच एप्पल ने कहा है कि वह विस्ट्रॉन का पर्यवेक्षण कर रही है उसे तब तक उसकी तरफ से नया ठेका नहीं मिलेगा जब तक की व्यवस्थाएं ठीक नहीं कर ली जाती हैं।

एप्पल ने एक अलग बयान में कहा कि उसके कर्मचारी और उसके द्वारा अनुबंधित स्वतंत्र ऑडिटर विस्ट्रॉन के नरसापुर कारखाने के मामले की जांच में ‘दिन-रात’ लगे हुए है।

गौरतलब है कि बेंगलुरू के समीप कोलार जिले के नरसापुर में विस्ट्रॉन के कारखाने में श्रमिकों को वेतन न दिए जाने के मसले पर पिछले सप्ताह भारी हिंसा और तोड़-फोड़ की गयी थी।

इस घटना से राज्य में निवेश की संभावनाओं पर असर पड़ने को लेकर राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में चिंता है।

विस्ट्रॉन के बयान में कहा गया है, ‘‘नरसापुर फैक्ट्री की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद हम जांच कर हैं और हमें दिखा है कि कुछ श्रमिकों को ठीक से या समय पर वेतन नहीं दिया गया।’’

इस पर खेद प्रकट करते हुए कंपनी ने कहा है, ‘‘हमें इस बात का गहरा दुख है और हम इसके लिए अपने श्रमिकों से खेद प्रकट करते हैं। यह कारखाना नया है। हम मानते हैं कि इसका विस्तार करते समय हमसे गलती हुई।’’

कंपनी ने कहा कि उसने हम श्रमिक एजेंसियों और भुगतान के प्रबंध के लिए जो व्यवस्था किए हुए थे उसको मजबूत करने की जरूरत है। हमने उसे ठीक करने का काम तुरंत शुरू कर दिया है तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।

इस बीच उद्योग मंडल इंडिया सेल्युलर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन तथा एलसिना ने विस्ट्रॉन का समर्थन किया है। इन संगठनों ने नरसापुर कारखाने में हिंसा के लिए उत्तरदायी तत्वों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

कंपनी ने उस कारखाने में हाल में श्रमिकों की संख्या बढ़ा कर 9000 तक कर दी थी। इस साल के शुरू में वहां 2000 श्रमिक काम कर रहे थे।

कंपनी ने कहा है कि उसकी प्रथमिकता है कि श्रमिकों का पूरा भुगतान तत्काल किया जाए और इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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