बिजली इंजीनियरों के संगठन का जेके ग्रिड कंपनी के खिलाफ पीएमओ से हस्तक्षेप का आग्रह
By भाषा | Updated: December 15, 2021 19:12 IST2021-12-15T19:12:01+5:302021-12-15T19:12:01+5:30

बिजली इंजीनियरों के संगठन का जेके ग्रिड कंपनी के खिलाफ पीएमओ से हस्तक्षेप का आग्रह
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर बिजली इंजीनियरों के संगठन ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने जेके ग्रिड कंपनी के गठन के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
एआईपीईएफ ने एक बयान में कहा, ‘‘चूंकि बिजली समवर्ती सूची में है, अत: संगठन ने जब तक वहां नई सरकार के चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, जेकेटीसीएल और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की संयुक्त उद्यम कंपनी जेके ग्रिड के गठन के खिलाफ पीएमओ के हस्तक्षेप का आग्रह किया है।’’
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता वी के गुप्ता ने बयान में कहा कि संगठन ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को एक पत्र लिखा है और उनसे आग्रह किया है कि वह अभी कोई निर्णय न लें और इसे चुनाव के बाद गठित होने वाली नवनिर्वाचित सरकार पर छोड़ दें। पत्र की प्रति पीएमओ को भी भेजी गयी है।’’
बयान के अनुसार, बिजली समवर्ती सूची का विषय है। ऐसे में बिजली/गृह मंत्रालय का सार्वजनिक क्षेत्र की पीजीसीआईएल के साथ संयुक्त उद्यम कंपनी गठित करने का निर्णय संविधान के खिलाफ है क्योंकि इसमें राज्य सरकार को दरकिनार किया गया है।
एआईपीईएफ ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल मई-जून में होने की संभावना है।
बयान के अनुसार ‘ऑल जे एंड के पावर एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी’ इस कदम का कड़ा विरोध कर रही है और उसने सरकार से मसौदे पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
एआईपीईएफ के अनुसार, इस कदम को वापस नहीं लेने पर उन्होंने 18 दिसंबर से काम के बहिष्कार का आह्वान किया है।
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