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मूडीज ने 2021 के लिये भारत की वृद्धि का अनुमान घटाकर 9.6 प्रतिशत किया, कम टीकाकरण को जोखिम बताया

By भाषा | Updated: June 23, 2021 19:51 IST

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नयी दिल्ली, 23 जून मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने बुधवार को वर्ष 2021 के लिए भारत के वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 9.6 प्रतिशत कर दिया है, जो पिछले अनुमान में 13.9 प्रतिशत था। मूडीज ने कहा कि जून तिमाही के दौरान आर्थिक नुकसान को कम रखने में कोविड टीकाकरण का बड़ा महत्व होगा।

अमेरिका की मूडीज रेटिंग एजेंसी ने ‘‘वृहद अर्थशास्त्र भारत: कोविड की दूसरी लहर के आर्थिक झटके पिछले साल की तरह गंभीर नहीं होंगे’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा कि उच्च आवृत्ति वाले आर्थिक संकेतक बताते हैं कि कोविड की दूसरी लहर ने अप्रैल और मई में भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। हालांकि, राज्यों द्वारा प्रतिबंधों में ढील देने के साथ इसमें सुधार की उम्मीद है। ’’

इसमें कहा गया है, ‘‘वायरस के फिर से उभरने के कारण भारत की 2021 की वृद्धि अनुमान को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। हालांकि, यह उम्मीद की जाती है कि आर्थिक नुकसान केवल अप्रैल- जून तिमाही तक ही सीमित रहेगा। हमारा मौजूदा अनुमान है कि भारतीय की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 2021 में 9.6 प्रतिशत रहेगी और 2022 में यह सात प्रतिशत रहेगी।’’

रिपोर्ट में कोविड टीकाकरण की निम्न दर को लेकर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि चालू तिमाही के दौरान तेजी से टीकाकरण करके आर्थिक नुकसान को सीमित किया जा सकता है। जून के तीसरे सप्ताह तक केवल 16 प्रतिशत जनसंख्या को पहला टीका लगा है जबकि इनमें से करीब 3.6 प्रतिशत का ही पूरी तरह से टीकाकरण हुआ है।

मूडीज ने भारत के ढांचागत क्षेत्र पर जारी एक अलग रिपोर्ट में कहा है, ‘‘संक्रमण की दर कम हो रही है और कई क्षेत्रों में प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है। इसके बावजूद टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। ऐसे में अगली लहर यदि आती है तो आगे और लॉकडाउन से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस स्थिति में हमें मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष में और धीमी वृद्धि होने का अनुमान है।

कोरोना वायरस महामारी की पहली लहर का मुकाबला करते हुये भारतीय अर्थव्यवस्था में 2020-21 में 7.3 प्रतिशत गिरावट आई है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान चार प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

मूडीज का कहना है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर से 10 राज्यों पर अधिक असर हुआ है। ये राज्य भारत की जीडीपी में महामारी से पहले के स्तर में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक - चार राज्यों की वित्त वर्ष 2019- 20 में सभी राज्यों के मुकाबले सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रही है।

भारत में कोविड- 19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बुधवार को तीन करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। पिछले 24 घंटे में 50,848 नये संक्रमण के मामले दर्ज किये गये। वहीं 1,358 नई मौतों के साथ वायरस से मरने वालों की कुल संख्या 3,90,660 तक पहुंच गई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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