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बंधन बैंक को लक्ष्य हासिल होने का भरोसा, चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था लौटेगी पटरी पर

By भाषा | Updated: May 9, 2021 20:33 IST

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कोलकाता, नौ मई बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ चंद्र शेखर घोष को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरे और चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था वापस अपनी चाल पर लौट आयेगी जिससे कि बैंक अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेगा।

उन्होंने कहा कि बैंक ने कोविड- 19 महामारी के चलते अतिरिक्त सावधानी बरती है और 2020- 21 की आखिरी तिमाही में अतिरिक्त प्रावधान किया।

घोष ने पीटीआई- भाषा से कहा, ‘‘हम चालू वित्त वर्ष को लेकर सतर्कता के साथ आशावादी बने हुये हैं, हमने इस साल के लिये पहले ही अतिरिक्त प्रावधान किये हैं। कोविड की ताजा लहर के अगले दो से तीन माह में कमजोर पड़ने की उम्मीद है और इस बार लोग पहली लहर के मुकाबले अधिक सावधान हैं और तैयारी में हैं। पहली लहर ने सभी को आश्चर्यचकित किया। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे संकटपूर्ण समय निकल चुका है और तीसरी और चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था अपनी पुरानी चाल पर लौट आयेगी। वही समय कर्ज की प्रमुख मांग शुरू होने का होता है।’’

बैंक के फंसे कर्ज (एनपीए) पर उन्होंने कहा कि इसके आंकडे नीचे आयेंगे क्योंकि कोविड महामारी के दौर में कर्ज लेनदारों को कर्ज किस्त का भुगतान नहीं हुआ है इसकी जानकारी है। ‘‘मैं हाल में उस इलाके में गया जहां बैंक का एनपीए ऊंचा है, वहां लोगों ने क्षेत्र के विकास में बंधन बैंक की भूमिका को माना है। वह मौजूदा स्थिति को देखते हुये कर्ज किस्त लौटाने में हुई खामियों को लेकर भी जागरुक हैं, इसके लिये उन्होंने अधिक समय मांगा है। इसलिये वह कर्ज लौटाने की मंशा रखते हैं। ऐसे में यह कुछ समय की बात है जब हमारा एनपीए नीचे आ जायेगा।’’

बंधन बैंक ने शनिवार को जारी तिमाही परिणाम में मार्च तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ 80 प्रतिशत गिरकर 103 करोड़ रुपये रह जाने की जानकारी दी है। इस दौरान बैंक ने अपने सूक्ष्म रिण व्यवसाय के क्षेत्र में व्याप्त दबाव को मानते हुये 1,929 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को बट्टे खाते में डाल दिया। इससे बैंक का सकल प्रावधान एक साल पहले की इसी अवधि में किये गये 827 करोड़ रुपये के मुकाबले उछलकर 1,594 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक ने सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में मानक अग्रिम के एवज में 388 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया।

घोष ने कहा, ‘‘हमने इस तिमाही (चौथी तिमाही) के दौरान अपने प्रावधानों को करीब करीब दुगुना किया। हमने 617 करोड़ रुपये के आवासी रिण खातों का पुनर्गठन किया। लेकिन सूक्ष्म वित्त पोर्टफोलियो में इसमें कोई खाता नहीं था।’’

खुदरा बैंकिंग कारोबार में मार्च तिमाही के दौरान बैंक को 112.68 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। हालांकि 2020- 21 में बैंक की खुदरा रिण खाते में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 79,466 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

उन्होंने कहा बैंक के दो प्रमुख कार्य क्षेत्रों असम और पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनावों, असम में एक स्थानीय कानून और कोरोना की दूसरी लहर के कारण कामकाज में कुछ समस्यायें आई हैं। इन दोनों राज्यों में उसका वसूली प्रदर्शन 90 प्रतिशत से अधिक रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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