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रेरा के बारे में 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं को जानकारी, केवल 22 प्रतिशत शिकायत निपटान प्रणाली से खुश

By भाषा | Updated: July 28, 2021 16:58 IST

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नयी दिल्ली, 28 जुलाई ओमिडयार नेटवर्क इंडिया और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप द्वारा बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत उपभोक्ता रियल्टी कानून रेरा के बारे में जानते हैं और छह में से पांच घर खरीदार इस कानून के जरिए शिकायत का निवारण करना चाहते हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायत निवारण प्रक्रिया के कार्यान्वयन में अब भी कई खामियां हैं क्योंकि "अनिश्चित समयसीमा के कारण शिकायत निवारण प्रक्रिया में शामिल केवल 22 प्रतिशत उपभोक्ता संतुष्ट थे।"

रेरा यानी रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016, मार्च 2016 में संसद द्वारा पारित किया गया था।

ओमिडयार नेटवर्क इंडिया (ओएनआई) और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) ने महत्वपूर्ण रियल एस्टेट क्षेत्र पर इस कानून के प्रभाव का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण रिपोर्ट - 'फाइव इयर्स ऑन: एन असेसमेंट ऑफ रेरा- द रोड अहेड फॉर ए स्ट्रॉन्गर ऑन-ग्राउंड रेजीम' जारी की।

रिपोर्ट महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और कर्नाटक के 1,300 से अधिक ग्राहकों, डेवलपर्स, नियामक प्राधिकरणों और चार्टर्ड एकाउंटेंट, इंजीनियरों एवं आर्किटेक्ट जैसे संबंधित हितधारकों के साथ की गयी बातचीत पर आधारित है।

सर्वेक्षण में पाया गया कि विपणन के साधन के रूप में संपत्तियों के रेरा पंजीकरण के इस्तेमाल और हर परियोजना के लिए एस्क्रो खाते के निर्माण की वजह से इस कानून ने घर खरीदारों में एक अंतर्निहित विश्वास पैदा किया है।

हितधारकों के अनुसार, रेरा उपभोक्ता विश्वास और अधिक जवाबदेही बढ़ाने में प्रभावी रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण में शामिल लगभग 70 प्रतिशत उपभोक्ता रेरा के बारे में जानते थे लेकिन यह जानकारी मुख्य लाभों तक सीमित है।

रेरा की जानकारी रखने वालों में इन लोगों में से 71 प्रतिशत लोग इस कानून से संतुष्ट हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, "रेरा की जानकारी रखने वाले लोगों में से 76 प्रतिशत लोग केवल रेरा-पंजीकृत संपत्ति खरीदना चाहते हैं। वहीं हर छह में से पांच उपभोक्ता रेरा के माध्यम से निवारण चाहते हैं।"

डेवलपर्स में, सर्वेक्षण में शामिल 64 प्रतिशत लोग रेरा कानून से काफी संतुष्ट थे। सभी पात्र परियोजनाओं में से 77 प्रतिशत को रेरा के तहत पंजीकृत किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वेक्षण में शामिल 55 प्रतिशत डेवलपर्स भी रेरा के कारण अधिक आसानी से ऋण हासिल करने में सक्षम थे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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