Highlightsगुलजार ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन नगमें दिए हैं। साल 2002 में गुलजार साहब को साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

'आइना देख कर तसल्ली हुई 
हम को इस घर में जानता है कोई'

'ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में 
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में'  

तुम जो कह दो तो आज कि रात चांद डूबेगा नहीं...रात को रोक लो...रात की बात है और कोई दिन बाकी तो नहीं...तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं...

वो गुलजार ही हैं जिसने इतनी खूबसूरती से इन लाइनों को पिरोया की एक अफसाने के कई मतलब निकाले जा सकते हैं। आपका प्यार आपके पास हो या आपसे दूर, गुलजार की चंद लाइनें आपको किसी का एहसास जरूर करा जाती हैं। 

गुलजार, इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम हैं जिन्हें किसी पहचान की जरूरत नहीं। गुलजार के गीत उनके नगमें लोगों का दिल छू लेते हैं। सिर्फ हमारी ही जेनरेशन नहीं बल्कि आने वाले कई जेनरेशन्स को गुलजार साहब की लाइनें जिंदगी का असल मतलब सिखाएंगी, प्यार का असल मतलब सिखाएंगी। 

18 अगस्त 1936 में जन्में गुलजार ने बॉलीवुड को बेहतरीन नगमें दिए हैं। एक कवि, एक लेखक, एक सफल निर्देशक और एक नाटककार गुलजार के जन्मदिन पर आज हम उनके कुछ नगमें आपको सुनाने जा रहे हैं। जिन्हें सुनकर ना सिर्फ आपको जिंदगी से प्यार हो जाएगा बल्कि मॉनसून के इस खूबसूरत मौसम की तरह आपका दिल भी भीना-भीना सा हो जाएगा। 

1. तेरे बिना जिंदगी भी लेकिन जिंदगी तो नहीं

साल 1975 में आई फिल्म आंधी के इस गाने के बोल जितने ही खूबसूरत थे लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज ने इसे और मधुर बना दिया था। गाने की एक-एक लाइन इतनी संजीदा है कि आप खुद को इस गाने के जुड़ा हुआ महसूस करेंगे।

2. वो शाम कुछ अजीब थी, ये शाम भी अजीब

साल 1969 में आई फिल्म खामोशी के इस गाने को आज भी सुनकर कुछ अलग सी फीलिंग आती है। राजेश खन्ना और वहीदा रहमान के इस गाने की लाइन, झुकी हुई निगाहों में, कहीं मेरा ख्याल था...गुलजार की कुछ मैजिक्स लाइन कही जा सकता हैं। 


3. आने वाला दिन जाने वाला है

फिल्म गोलमाल जितनी शानदार थी उतना ही खूबसूरत था ये गाना। जिंदगी की सच्चाई से रूबरू कराता ये गाना आज भी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख देता है। 

4. ऐ जिंदगी गले लगा ले

श्रीदेवी की कुछ कल्ट फिल्मों में शामिल सदमा अगर नहीं देखी तो जरूर देखिएगा और उसी फिल्म में गुलजार का ये गीत सच में जिंदगी से प्यार करा देगा। एक इंसान और उसकी जिंदगी का खूबसूरत रिश्ता इस गाने में सुनने को मिलेगा।


5. तुझसे नाराज नहीं जिंदगी

बचपन की यादों से जुड़ी फिल्म मासूम का ये गाना भी गुलजार की चंद खूबसूरत रचनाओं में से एक है। 


6. यारा सिली-सिली बिहरा के रात का जलना

रुदाली फिल्म का ये गाना आज भी आपके दिल में उतर जाएगा। जिंदगी की सच्चाई को बताते इस गाने में गुलजार ने अपने जादूई शब्दों से बुना है।

7. चुपके से रात की चादर तले

प्यार में हैं तो गुलजार का ये गाना आपको जरूर सुनना चाहिए। साथिया फिल्म के इस गाने में जितना रोमांस है उतना ही दर्द भी। रानी मुखर्जी और विवेक ओबेरॉय की केमेस्ट्री ने गाने में चार चांद लगा दिया है। 


8. दिल तो बच्चा हे जी

शायद गुलजार ही एक ऐसे कलाकार हैं जो इस उम्र में भी इस लाइन को लिख सकते हैं, दिल तो बच्चा है जी, सच, दिल अभी भी बच्चा ही तो है। जो कहीं भी किसी को भी देखकर बस फूला नहीं समाता और प्यार कर बैठता है। 


9. नमक इश्क का

मैं चांद निगल गई, दईयां रे, भीतर-भीतर आग जले...जबां लागा रे नमक इश्क का...गुलजार साहब की जादुई लाइन को जब रेखा भारद्वाज की आवाज मिल गई तो बस मजा आ गया।
 

10. छईयां-छईयां

जिनके सिर हो इश्क की छांव...पांव के नीचे जन्नत होगी...इससे खूबसूरत और क्या हो सकता है। दिल से फिल्म का ये गाना शायद आपको भी किसी अपने की याद दिला जाता है। 


Web Title: Birthday Special: top 10 songs of Gulzar
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