लाइव न्यूज़ :

शोभना जैन का ब्लॉग: बांग्लादेश के साथ पेचीदा मुद्दे सुलझाने की कोशिश

By शोभना जैन | Updated: October 5, 2019 05:38 IST

वैसे तो शेख हसीना द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और आर्थिक एवं आपसी संपर्क को मजबूत करने के एजेंडे के साथ भारत यात्ना पर हैं लेकिन इस दौरे में एनआरसी, बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या के मानवीय हल का समाधान खोजने की दिशा में लगी साइलेंट डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाते हुए शिखर नेताओं के बीच अहम चर्चा होने की संभावना है.

Open in App

बांग्लादेश की प्रधानमंत्नी शेख हसीना की मौजूदा भारत यात्ना को जहां दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ती आपसी समझ-बूझ और दोस्ती के एक और बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दोनों देशों  के बीच प्रगाढ़ उभयपक्षीय रिश्तों के साथ-साथ कुछ  संवेदनशील पेचीदा मुद्दे भी हैं, जिन्हें दोनों देश आपसी भरोसे से मिल कर हल करने का प्रयास कर रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच इस दौरान विचार- विमर्श से उभयपक्षीय संबंधों को गति मिलने के साथ ही दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर संबंधों में उपजे संशय को दूर करने, बांग्लादेशियों की अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर आपसी चिंताओं और सरोकार को ले कर आपसी समझ-बूझ बढ़ सकेगी और ऐसे मुद्दों का सर्वमान्य मानवीय समाधान निकालने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो सकेगी. हालांकि पेंच वाले एक अन्य मुद्दे, तीस्ता जल विवाद जैसे चर्चित या यूं कहें विवादास्पद मुद्दे पर तो फिलहाल यही लगता है कि इस यात्ना में बात कुछ खास बनती नजर नहीं आती.

वैसे तो शेख हसीना द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और आर्थिक एवं आपसी संपर्क को मजबूत करने के एजेंडे के साथ भारत यात्ना पर हैं लेकिन इस दौरे में एनआरसी, बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या के मानवीय हल का समाधान खोजने की दिशा में लगी साइलेंट डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाते हुए शिखर नेताओं के बीच अहम चर्चा होने की संभावना है. इस दौरे की खास बात यह है कि बांग्लादेश और भारत में संसदीय चुनाव होने के बाद शेख हसीना की यह पहली भारत यात्ना है. ऐसे दौर में जब कि दोनों देशों के बीच राजनैतिक, आर्थिक, सुरक्षा संबंधी मुद्दे, राजनयिक स्तर पर  बेहतरीन दौर में हैं.

वैसे भी पीएम नरेंद्र मोदी के पहले शासनकाल के दौरान ही बांग्लादेश और भारत के बीच लंबित जमीन के मुद्दे को हल किया गया था जिसके तहत जमीन का आदान-प्रदान भी हुआ. अब इस दौरे पर खास निगाहें हैं. देखना होगा कि इन पेचीदा मुद्दों पर बात कैसे आगे बढ़ती है. दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ती दूरियों को नजरदांज करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्नी इमरान खान ने शेख हसीना की भारत यात्ना के चंद घंटों पहले उन्हें फोन कर उनकी कुशल क्षेम पूछी. स्वाभाविक था कि इस खैरियत के समय को लेकर सवालिया निशान उठते. कश्मीर मुद्दे  को लेकर खान जिस तरह से भारत विरोधी अभियान चला रहे हैं, इसी क्रम में वह दुनियाभर के मुस्लिम नेताओं से फोन पर बात कर कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं. पाकिस्तान के इस कदम की ओर भारत को नजर रखनी होगी.

टॅग्स :मोदी सरकारबांग्लादेशइंडियापाकिस्तान
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वUS-Iran War: ईरान से शांति वार्ता मीटिंग के लिए पाकिस्तान जाएंगे ट्रंप? जानिए क्या है पूरी योजना

भारत'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' के साथ सड़कों पर उतरे सीएम योगी, महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष को दिया कड़ा संदेश

विश्वअब डील पक्की! भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट की फाइनल तैयारी शुरू, खुलेंगे निवेश के नए रास्ते

भारतफ्री में पढ़ें विदेश के टॉप विश्वविद्यालयों में! भारत सरकार दे रही है 125 छात्रों को स्कॉलरशिप, जानें कैसे करें अप्लाई

विश्व'आपने मंज़ूरी दी थी, अब आप ही गोलीबारी कर रहे हैं': ईरानी हमले के बाद भारतीय जहाज़ से वायरल हुआ आपातकालीन संदेश, WATCH

भारत अधिक खबरें

भारतशरद पवार मुंबई के अस्पताल में भर्ती, जानें किस हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रहें एनसीपी-एसपी सुप्रीमो

भारतक्या पीएम मोदी ने किया आचार संहिता का उल्लंघन? प्रधानमंत्री के 'राष्ट्र के नाम संबोधन' पर 700 कार्यकर्ताओं ने की चुनाव आयोग से शिकायत

भारतजम्मू-कश्मीर में लोगों हो रहे नशे का शिकार, 13 लाख लोग कर रहे मादक चीजों का सेवन

भारतGujarat: दाहोद में शादी का खाना खाने से 400 से ज्यादा लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

भारतExcise policy case: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी