Blog: Shivraj's government gave five Hindu saints Minister of State status | शिवराज सरकार ने पांच हिंदू संतो को दिया राज्यमंत्री का दर्जा, एक तीर से दो शिकार?

मध्य प्रदेश सरकार ने 11 दिसंबर 2016 से 15 मई 2017 तक 'नर्मदा सेवा यात्रा' आयोजित की थी। 148 दिन तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरुक करना था। सरकार का दावा है कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान करीब 6 करोड़ पौधे लगाए गए। नर्मदा में अवैध उत्खनन और नर्मदा परिक्रमा के दौरान पौधारोपण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर कई धार्मिक बाबा नाराज थे और इसे लेकर 'नर्मदा घोटाला रथ-यात्रा' शुरू करने वाले थे।

शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को ऐसे पांच बाबाओं को नर्मदा नदी की रक्षा के लिए राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। इनमें कंप्यूटर बाबा और भैय्यू महाराज जैसे चर्चित चेहरे शामिल हैं। शिवराज के इस मास्टर स्ट्रोक को एक तीर से दो शिकार कहना गलत नहीं है। उनका यह फैसला हिंदूओं के ध्रुवीकरण में भी मददगार साबित होगा साथ ही नर्मदा सेवा यात्रा पर उठ रहे भ्रष्टाचार के सवाल भी समाप्त हो जाएंगे। शिवराज सिंह चौहान के इस फैसले की आलोचना की भी की जा रही है। आज कंप्यूटर बाबा को राज्यमंत्री बनाया गया है, कल राधे मां को बना दिया जाएगा। कांग्रेस ने भी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।

जिन बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है इनका रसूख धार्मिक संस्थाओं से राजनीतिक हलकों तक है। ये बाबा अपनी अजीबो-गरीब आदतों के लिए भी जाने जाते हैं। जैसे कंप्यूटर बाबा लैपटॉप लेकर चलते हैं। 2013 में तब विवादों से घर गये थे जब उन्होंने कुम्भ मेले के दौरान प्रशासन से हेलीकॉप्टर से आकर स्नान करने की माँग की थी। भय्युजी महाराज पहले मॉडलिंग करते थे। व्हाइट मर्सिडीज एसयूवी से खुद सफर करते हैं साथ ही उनके साथ कई फॉलोअर का काफीला भी चलता है। पिछले साल वह तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने इंदौर की एक लड़की डॉ. आयुषी से शादी की थी। उनकी पहली पत्नी माधवी का 2015 में निधन हो गया था। इसके अलावा राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त संतों में हरिहरानंदजी महाराज, पंडित योगेंद्र महंत और नर्मदानंद जी महाराज शामिल हैं।

शिवराज सरकार के खिलाफ नर्मदा घोटाला रथ यात्रा का ऐलान करने वाले संतों के सुर राज्यमंत्री बनने के बाद बदल चुके हैं। राज्यमंत्री का दर्जा हासिल करने के बाद कम्प्यूटर बाबा ने कहा, "हम लोगों ने यह यात्रा निरस्त कर दी है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये साधु-संतों की समिति बनाने की हमारी मांग पूरी कर दी। अब भला हम यह यात्रा क्यों निकालेंगे। भय्युजी महाराज भी कमोबेश इसी लाइन पर चल रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने इस मास्टर स्ट्रोक से एक बड़े मुद्दे को शांत कर दिया है जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता था।


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