Who is behind this suicide? | BLOG: इस आत्महत्या के पीछे कौन है? 

लेखक- वेदप्रताप वैदिक

दिल्ली के एक परिवार के 11 सदस्यों ने एक साथ आत्महत्या कर ली। अमेरिका में सैकड़ों लोगों ने कुछ वर्ष पहले एक गुरु के कहने पर सामूहिक आत्महत्या की थी। यह मामला आत्महत्या का है या हत्या का, कहना मुश्किल है। पुलिस खोज में लगी हुई है।

 लेकिन अभी तक जो प्रमाण मिले हैं, उनसे साफ लगता है कि यह मामला आत्महत्या का ही है। यदि यह हत्या का मामला होता तो उसी रात संतनगर की उस घनी बस्ती में हड़कंप मच जाता। पहले 11 लोगों की हत्या की जाती और फिर उन्हें छत से लटकाया जाता और सारे मुहल्ले में चूं भी नहीं होती, यह कैसे हो सकता है? शवों पर तलवार या गोली के निशान भी नहीं हैं। उस कमरे में जो डायरी मिली है, उससे भी यही संकेत मिलता है कि किसी तथाकथित तांत्रिक गुरु के चक्कर में फंसकर इस परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का निर्णय लिया।

अंधविश्वास की भी हद है! जीते जी मोक्ष दिलानेवाले बाबाओं की कमी नहीं है देश में. वे अपनी भक्तिनों के साथ व्यभिचार भी करते हैं और अपने भक्तों की संपत्तियां हड़प लेते हैं। इस भाटिया परिवार की संपन्नता, सज्जनता और संतुष्टि की पुष्टि भी सारे अड़ोसी-पड़ोसी कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में पुलिस को उस व्यक्ति की खोज करनी चाहिए, जिसने इस परिवार को मौत के कुएं में ढकेला है। उस व्यक्ति को तुरंत दंडित किया जाना चाहिए और प्रचारपूर्वक किया जाना चाहिए ताकि ढोंगी और धूर्त बाबाओं से समाज की रक्षा हो सके।

 इन धूर्तो के विरुद्ध देश में जबर्दस्त अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि सच्चे साधु-संतों का अपमान न हो. ऐसी दुखद घटनाओं की जिम्मेदारी उन लोगों पर कहीं ज्यादा आती है, जो बिना सोचे-समङो किसी भी बात पर विश्वास कर लेते हैं। मैं आम लोगों से कहता हूं कि आप जितनी शक की नजर से नेताओं को देखते हैं, उससे भी ज्यादा पैनी नजर से इन पाखंडी बाबाओं को देखा करें।


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