Bangladesh T20 World Cup row: इसे कहते हैं उल्टा चोर कोतवाल को डांटे...!
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: January 24, 2026 05:56 IST2026-01-24T05:56:37+5:302026-01-24T05:56:37+5:30
Bangladesh T20 World Cup row LIVE Updates: बांग्लादेश ने आईसीसी से अनुरोध किया था कि उस मैच को भारत से बाहर श्रीलंका में कराया जाए.

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Bangladesh T20 World Cup row LIVE Updates: बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप भारत में नहीं खेलने को लेकर जो कारण बताया है, उसे केवल इस मुहावरे की भाषा में ही बेहतर तरीके से व्यक्त किया जा सकता है कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. हालात तो बांग्लादेश ने ही खराब कर रखे हैं और तोहमत भारत के सिर पर मढ़ना चाहता है. बांग्लादेश का कहना था कि उसके खिलाड़ियों की सुरक्षा भारत में नहीं होगी इसलिए कोलकाता और मुंबई में बांग्लादेश के साथ होने वाले मैच में वह नहीं खेल सकता. बांग्लादेश ने आईसीसी से अनुरोध किया था कि उस मैच को भारत से बाहर श्रीलंका में कराया जाए.
भारत और श्रीलंका दोनों ही इस वर्ल्ड कप के साझे मेजबान हैं. बांग्लादेश की मांग को आईसीसी ने सिरे से खारिज कर दिया. खारिज होना स्वाभाविक था क्योंकि भारत में बांग्लादेश तो क्या किसी भी देश के खिलाड़ी को कोई खतरा होने का सवाल ही पैदा नहीं होता और भारत की सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद ही रहती है.
इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ने अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ बैठक की और साफ किया कि बांग्लादेश खेलने के लिए भारत नहीं जा रहा. उनका यह भी कहना है कि दो करोड़ लोगों के देश को इस तरह नजरअंदाज करना निराशाजनक है.
मगर वे यह भूल गए कि भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और भारत के ललाट पर मिट्टी मलने की जो कोशिश बांग्लादेश कर रहा है, उसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता. बांग्लादेश किस असुरक्षा की बात कर रहा है? भारत में तो सब ठीक है, समस्या बांग्लादेश में ही है. यदि भारत कहता कि वह बांग्लादेश नहीं जाएगा तो बात समझ में आ सकती थी क्योंकि बांग्लादेश में इस समय मजहबी सुनामी आई है.
पाक की गोद में बैठा बांग्लादेश भारत के खिलाफ लगातार आग उगल रहा है. वह तो हमारी भलमनसाहत है कि कुछ खास जवाब दे नहीं रहे अन्यथा बांग्लादेश की हैसियत ही क्या है कि वह हमें आंखें दिखाए. उसे तो अपने गिरेबां में झांकना चाहिए कि कट्टरपंथियों ने किस तरह भारतीय उच्चायोग तक मार्च निकाला था और मंसूबा भी बेहद खतरनाक था.
वह तो मो. यूनुस को समझ में आ गया कि यदि भारतीय उच्चायोग के साथ कोई भी गलत हरकत हो गई तो भारत भीतर तक घुस कर मारेगा. इसलिए कट्टरपंथियों को रोका गया. बांग्लादेश में भारत के खिलाफ किस तरह का माहौल है, इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि भारत ने अपने दूतावास के अधिकारियों के परिवारों को वापस बुला लिया है.
ऐसे दलदल में गिरा बांग्लादेश जब भारत के भीतर सुरक्षा की बात करता है तो उसकी लिजलिजी सोच ही प्रदर्शित होती है. जिस तरह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बांग्लादेश की पीठ थपथपा रहा है, उससे तो यही साबित हो रहा है कि दोनों मिले हुए हैं. पाकिस्तानियों के टेढ़ेपन का वो दृश्य भारत भूला नहीं है कि उनसे वर्ल्ड कप लेने से भारतीय टीम ने इनकार किया तो वे ट्रॉफी ही अपने साथ लेकर चले गए.
जब भारत ने हड़काया तब उन्होंंने ट्रॉफी को एशियन क्रिकेट कौंसिल के दफ्तर में जमा कराया. इसलिए बांग्लादेश को समझना चाहिए कि वह पाक की राह पर चलेगा तो बर्बाद हो जाएगा. वैसे भी एक अच्छे-खासे उन्नति करते देश को मजहब के दलदल में डूबते देखना बहुत दर्दनाक है.