वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्नी जयशंकर ने अलग-अलग मौकों पर अफगानिस्तान के बारे में जो भी कहा है, वह शतप्रतिशत सही है लेकिन आश्चर्य है कि भारत की तरफ से कोई ठोस पहले क्यों नहीं है ...
कई वामपंथी और कांग्रेसी मानते हैं कि सावरकर माफी मांगकर अंडमान-निकोबार की जेल से छूटे थे, उन्होंने हिंदुत्व की संकीर्ण सांप्रदायिकता फैलाई थी और उन्होंने ही गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को आशीर्वाद दिया था. ...
देश के भले के लिए मोदी आनन-फानन फैसले करते हैं और छोटे-से-छोटे अफसर से सलाह करने में भी उन्हें कोई संकोच नहीं होता। अमित शाह ने ऐसे कई कदम गिनाए जो मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्नी और भारत के प्रधानमंत्नी रहते हुए उठाए और उन अपूर्व कदमों से लोककल्याण सं ...
भारत समेत दुनिया के कई देशों में ऐसे निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकार अभी भी कई हैं, जो नोबल पुरस्कार से भी बड़े सम्मान के पात्र हैं। उक्त दो पत्रकारों का सम्मान ऐसे सभी पत्रकारों का हौसला जरूर बढ़ाएगा। ...
लखीमपुर खीरी हत्याकांड से सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, सारे देश में लोगों ने गहरा धक्का महसूस किया है. उत्तर प्रदेश सरकार के आचरण पर भी सवाल उठ रहे हैं. ...
यहां असली सवाल यह है कि सरकार आयकर-कानून ऐसे क्यों नहीं बनाती कि लोग कम से कम कर-चोरी करें? मैं तो सोचता हूं कि सरकार को आमदनी के बजाय खर्च पर कर लगाना चाहिए। यदि हर आदमी की आय करमुक्त हो जाए तो जो भी पैसा बचेगा, वह किसी अच्छे काम में लगेगा। ...