वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
लगभग 50-55 साल पहले जब मैं पहली बार अमेरिका और यूरोप में रहा तो मैं वहां यह देखकर दंग रह जाता था कि लोग किस लापरवाही से बिजली, पेट्रोल व एयरकंडीशनिंग का दुरुपयोग करते हैं। ...
इस मामले ने जब तूल पकड़ा, तब मैंने सुझाव दिया था कि सरकार थोड़ी हिम्मत करती तो यह मामला आसानी से सुलझ सकता था। सरकार उन निदरेष नेताओं, पत्नकारों और अन्य व्यक्तियों से माफी मांग लेती, जो निर्दोष थे ...
असली सवाल भूखे मरने या पेट भरने का नहीं है बल्कियह है कि भारत के नागरिकों की खुराक यथायोग्य है या नहीं? यानी उन्हें ऐसा भोजन मिलता है या नहीं कि जिससे वे सबल, सचेत और सक्रिय रह सकें? ...
सूरत तो हम देखते हैं लेकिन सूरत से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है- सीरत यानी स्वभाव! अपने स्वभाव को देखने की कला है-विपश्यना। यह कला गौतम बुद्ध ने दुनिया को सिखाई है। ...
भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर पश्चिम एशिया में जो चौगुटा बनाया है, वह अफगान-संकट के हल में तो मददगार होगा ही, इस्लामिक जगत से भी भारत के संबंध मजबूत बनाएगा लेकिन भारत को दो बातों का ध्यान जरूर रखना होगा। एक तो वह अमेरिका का पिछलग्गू होने से बचता रहे औ ...
अब भारत सरकार ने नवंबर में अफगानिस्तान के सवाल पर एक बैठक करने की घोषणा की है। इसके लिए उसने पाकिस्तान, ईरान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, चीन और रूस के सुरक्षा सलाहकारों को आमंत्रित किया है। ...
लगभग पांच साल पहले नीतीश ने बिहार में शराबबंदी लागू की थी। अब नीतीश कुमार ने एक और कमाल का फैसला किया है। उन्होंने बिहार में 14 दिसंबर 2021 से प्लास्टिक-थर्मोकॉल के उत्पादन, भंडारण, खरीद, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ...
भारत में यों तो जनसंख्या की रफ्तार पहले के मुकाबले घटी है, खासतौर से मुसलमानों, ईसाइयों, सिखों, जैनों और बौद्धों की। लेकिन इसके बावजूद लगभग सवा दो करोड़ लोग हर साल बढ़ जाते हैं। इस समय भारत की जनसंख्या 140 करोड़ को छू रही है। ...