वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
चीन ने मक्की नाम के आतंकी को विश्व सूची में डलवाने के प्रस्ताव पर पानी फेर दिया. चीन को बस यही फायदा नजर आता है है कि ये आतंकवादी भारत को नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन कहीं उसकी ये सोच उसे ही मुसीबत में न डाल दे. ...
यह ठीक है कि सेना से 4 साल बाद हटने वाले 75 प्रतिशत नौजवानों को सरकार लगभग 11-12 लाख रुपए देगी तथा सरकारी नौकरियों में उन्हें प्राथमिकता भी मिलेगी लेकिन असली सवाल यह है कि सरकार ने इस मामले में भी क्या वही गलती नहीं कर दी, जो वह पहले भी कर चुकी है? ...
अमेरिका, भारत, इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का नया गुट नाटो, सेंटो या सीटो की तरह कोई सैन्य गठबंधन नहीं है. ये नया गठबंधन यह भी बताता है कि पिछले 25-30 साल में दुनिया कितनी बदल चुकी है. ...
सरकारी नौकरियों की संख्या जरूर बढ़े लेकिन उनकी उपयोगिता के मानदंड काफी सख्त होने चाहिए और हर पांच साल में उनकी समीक्षा होनी चाहिए। जो भी अयोग्य पाया जाए, उस कर्मचारी को छुट्टी दी जानी चाहिए। ...
विधायकों को फिसलाने के लिए नोटों के बंडल, मंत्रीपद का लालच, प्रतिद्वंद्वी पार्टी में ऊंचा पद आदि प्रलोभन दिए जाते हैं। यदि राज्यसभा की सदस्यता का यह मतदान पूरी तरह दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत हो जाए तो पराए दल के उम्मीदवार को वोट देनेवाले सांसद की ...
हाल के वर्षों में अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों पर हमले बढ़े हैं. साल 2020 के मुकाबले 2021 में भारतीयों के विरुद्ध ऐसे अपराध 300 प्रतिशत यानी तीन गुना बढ़ गए हैं. ...
इमरान को अगला चुनाव जीतना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए यह जरूरी है कि वे अमेरिका और भारत को कोसें। लेकिन जहां तक पाकिस्तान के तीन टुकड़े होने का सवाल है, सच्चाई तो यह है कि उसके तीन नहीं, चार टुकड़े करने की मांग बरसों से हो रही है। ...
कश्मीर में इधर कुछ हफ्तों से आतंकवादी हमलों में जो बढ़त हुई है, उसका एक कारण यह भी लगता है कि ये आतंकवादी नहीं चाहते कि भारत-पाक रिश्तों में जो सुधार के संकेत इधर मिल रहे हैं, उन्हें सफल होने दिया जाए. ...