वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
डॉक्टरी की पढ़ाई हिंदी माध्यम से होने के कई फायदे हैं। फेल होनेवालों की संख्या एकदम घटेगी। छात्रों की दक्षता बढ़ेगी। छात्रों को चिकित्सा-पद्धति को समझने में आसानी होगी। ...
भारतीय लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा है इसलिए इसकी साफ-सफाई के लिए मोदी सरकार जो कार्रवाइयां कर रही है, वह सराहनीय है लेकिन सवाल यह है कि ये सब कार्रवाइयां विरोधी दलों के नेताओं और सिर्फ उन सेठों के खिलाफ क्यों हो रही हैं, जो कुछ विरोधी दलों के साथ रह ...
ममता बनर्जी ने यशवंत सिन्हा को अपने प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल आने का भी आग्रह नहीं किया। इसी का नतीजा है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों और सांसदों ने भाजपा की उम्मीदवार मुर्मू को अपना वोट दे दिया। इससे यही प्रकट होता है कि विभिन्न विपक्षी दलों क ...
रानिल विक्रमसिंघे छह बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. इतने अनुभवी नेता हैं. ऐसे में अब राष्ट्रपति बनने पर ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए कि शायद वे श्रीलंका को वर्तमान संकट से उबार ले जाएं. ...
ऐसे में जाति, धर्म और भाषा के आधार पर लोगों को दो श्रेणियों में बांटकर रखना राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से भी उचित नहीं है. इस कारण अपने आप को ये लोग भारतीय कहने के पहले फलां-फलां जाति, धर्म या भाषा का व्यक्ति बताने पर आमादा होंगे. ...
माना जा रहा है कि जगदीप धनखड़ के नाम से भाजपा को राजस्थान, उत्तरप्रदेश और हरियाणा में लाभ मिल सकता है. यह शायद पहली बार होगा जब लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा के सभापति धनखड़ एक ही राज्य राजस्थान के होंगे. ...