हरीश गुप्ता लोकमत ग्रुप न्यूजपेपर के नेशनल एडिटर हैं। अपने दशकों लंबे पत्रकारीय करियर में उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडिया टुडे, द ट्रिब्यू, अमृत बाजार पत्रिका और डीएनए जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। वो दिल्ली में दैनिक भास्कर ग्रुप के नेशनल एडिटर भी रह चुके हैं।Read More
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को अमेरिका रवानगी से पहले अगली व्यवस्था होने तक प्रियंका से यूपी कांग्रेस का प्रभार संभालने का आग्रह किया था. राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ कांग्रेस समिति अध्यक्ष के अलावा अन्य कई नियुक्तियों को भी मंजू ...
बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच (खुफिया) के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के संबंध में जारी एक परिपत्र ने हंगामा खड़ा कर दिया है. इससे भड़की राजनीतिक आग को बुझाने के लिए खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आगे आना पड़ा है. इस परिपत्र में सभी जिलों के पु ...
सीडब्ल्यूसी की बैठक अगले हफ्ते संभावित है. पार्टी का शीर्ष संगठन सीडब्ल्यूसी ही ताजा संकट में हर फैसला लेने के लिए सबसे ज्यादा अधिकार रखता है. सीडब्ल्यूसी की बैठक वरिष्ठतम महासचिव मोतीलाल वोरा या मुकुल वासनिक (महासचिव-संगठन) द्वारा बुलाई जा सकती है. ...
एक बड़े खुलासे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में यह जानकारी देते हुए बताया है कि सरकार ने एफआर 56 (जे) के तहत ग्रुप ए के 36,756 और ग्रुप बी के 82,654 अधिकारियों के व्यवहार और कामकाज की पड़ताल की थी. ...
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की जल्द ही सत्ता के केंद्र ल्यूटन की दिल्ली में वापसी होगी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जेटली को अकबर रोड पर 22 नंबर का बंगला आवंटित हुआ है. जेटली, पिछले महीने ही बतौर मंत्री मिला 2, कृष्ण मेनन मार्ग का बंगला छोड ...
देश की शीर्ष जांच एजेंसी में सीबीआई में 'ऑल इज वेल' वाले हालात नहीं हैं. कभी भाजपा की आंख के तारे रहे अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव की पदावनति के साथ सीबीआई से विदाई का तरीका इस बात को जाहिर कर देता है. पिछले साल सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और उनके न ...
चुनाव के बाद का पहला ही वर्ष होने के कारण बजट के लोकप्रिय होने की संभावना वैसे भी नहीं थी. वैश्विक मंदी और अनिश्चितताओं को देखते हुए मोदी सरकार ने काफी संभलकर कदम रखे हैं. सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर एक रु. की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और ...
विपक्ष का कहना था कि बिना किसी नियम -प्रक्रिया तय किए 40 अधिकारियों की सीधी भर्तियों का औचित्य क्या है. जिस समय यह मुद्दा उठाया गया उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सदन में मौजूद थे ,लेकिन... ...