Happy Birthday PT Usha: Interesting Facts About Queen of Indian Track and Field | पीटी उषा बर्थडे स्पेशल: एक प्रतियोगिता में 5 गोल्ड जीतने से लेकर ओलंपिक तक किया कमाल, भारत की 'उड़नपरी' से जुड़ी 10 रोचक बातें
पीटी उषा को भारत में एथलेटिक्स की दिशा और दशा बदलने का श्रेय जाता है (File Photo)

Highlightsमहान धाविका पीटी उषा का जन्म केरल के पय्योली गांव में 27 जून 1964 को हुआ थापीटी उषा ने 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक फाइनल में मेडल चूकने के बावजूद रचा था इतिहास

महान धाविका और भारत की 'उड़नपरी' के नाम से विख्यात पीटी उषा आज अपना 56वां जन्मदिन मना रही हैं। उषा का जन्म केरल के कोझिकोड स्थित पय्योली गांव में 27 जून 1964 को हुआ था। उनका परिवार बहुत गरीब था, लेकिन महान एथलीट बनने के उनके सपने को तमाम कठिनाइयां भी नहीं रोक पाईं। 

पीटी उषा ने अपने शानदार करियर में भारत के लिए पदकों की झड़ी लगाई। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों में 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में सेकेंड के सौवें हिस्से से ब्रॉन्ज मेडल चूकने की होती है, अगर उषा ये मेडल जीत लेती तो ये ओलंपिक खेलों में ट्रैक ऐंड फील्ड में भारत का पहला मेडल होता।

एथलेटिक्स से संन्यास के बाद भी वह इससे जुड़ी रहीं और देश के लिए भविष्य के एथलीट तैयार करने के लिए उन्होंने 2002 में उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की शुरुआत की।

पीटी उषा के नाम एक प्रतियोगिता में 5 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड है दर्ज (File Photo)
पीटी उषा के नाम एक प्रतियोगिता में 5 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड है दर्ज (File Photo)

आइए जानें महान एथलीट पीटी उषा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य:

1.पीटी उषा का पूरा नाम पिलावुल्लाकांडी थेक्केपरामबि उषा है, उनका जन्म 27 जून 1964 को केरल के कोझिकोड स्थित पय्योली गांव में हुआ था।

2.पीटी उषा को एथलेटिक्स में उनकी उपलब्धियों के लिए 'भारतीय ट्रैक ऐंड फील्ड की क्वीन', 'पय्योली एक्सप्रेस' और 'उड़नपरी' जैसे उपनामों से भी जाा जाता है।

3.महज 14 साल की उम्र में पीटी उषा ने इंटर-स्टेट जूनियर प्रतियोगिता में चार गोल्ड मेडल जीते थे, जो 100 मीटर रेस, 60 मीटर बाधा रेस, ऊंची कूद और 200 मीटर रेस में जीते गए थे।

4.महज 16 साल की उम्र में उषा 1980 को मास्को ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली सबसे कम उम्र की धावक थीं।

5.पीटी उषा ने 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीते थे।

6.उषा ओलंपिक के ट्रैक इवेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय हैं। 

7.पीटी उषा ने 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में 55.42 सेकेंड का समय निकालते हुए सेकेंड के 100वें हिस्से ले ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूक गई थीं। 

8.पीटी उषा के नाम पर अब भी 400 मीटर बाधा दौड़ में सर्वश्रेष्ठ समय निकालने (55.42 सेकेंड) निकालने का रिकॉर्ड दर्ज है, जो उन्होंने 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाया था।

9.पीटी उषा ने 1985 एशियन चैंपियनशिप में पांच गोल्ड मेडल जीतते हुए धमाल मचा दिया था, ये एक प्रतियोगिता में किसी महिला एथलीट द्वारा सर्वाधिक गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड है।

10.पीटी उषा को 1983 में अर्जुन अवॉर्ड और 1985 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। डायरेक्टर रेवती एस वरमाह पीटी उषा के ऊपर एक बायोपिक बनाने जा रहे हैं। 

Web Title: Happy Birthday PT Usha: Interesting Facts About Queen of Indian Track and Field
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