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‘बुचर ऑफ बीजिंग' नाम से चर्चित चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली पेंग का निधन

By भाषा | Updated: July 23, 2019 19:08 IST

सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने खबर दी कि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस स्टैंडिंग कमिटी के पूर्व अध्यक्ष ली का सोमवार को अज्ञात बीमारी से निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। वैसे उन्हें पहले ब्लैडर कैंसर हुआ था। चार जून, 1989 को राजधानी में लोकतंत्र समर्थक व्यापक प्रदर्शन पर नृशंस कार्रवाई को लेकर ली दुनियाभर में कुख्यात हो गये थे।

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ठळक मुद्देवह एक दशक से अधिक समय तक कम्युनिस्ट शासन के शीर्ष पर रहे।उन्हें जीवन के आखिरी क्षण तक लोग दमन के प्रतीक के रूप में नफरत की नजर से देखते रहे।

थ्यानमेन चौक पर दमनकारी कार्रवाई में अपनी भूमिका को लेकर ‘बुचर ऑफ बीजिंग (यानी बीजिंग का हत्यारा) नाम से चर्चित चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली पेंग का निधन हो गया।

सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने खबर दी कि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस स्टैंडिंग कमिटी के पूर्व अध्यक्ष ली का सोमवार को अज्ञात बीमारी से निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। वैसे उन्हें पहले ब्लैडर कैंसर हुआ था। चार जून, 1989 को राजधानी में लोकतंत्र समर्थक व्यापक प्रदर्शन पर नृशंस कार्रवाई को लेकर ली दुनियाभर में कुख्यात हो गये थे।

वह एक दशक से अधिक समय तक कम्युनिस्ट शासन के शीर्ष पर रहे। उन्हें जीवन के आखिरी क्षण तक लोग दमन के प्रतीक के रूप में नफरत की नजर से देखते रहे। जब विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की अपार भीड़ बदलाव की मांग करते हुए हफ्तों तक थ्यानमेन चौक पर डेरा डाले रही तब ली ने 20 मई, 1989 को मार्शल लॉ की घोषणा कर दी।

दो हफ्ते बाद 3-4 जून की दरम्यानी रात को सेना ने प्रदर्शन को हिंसा से रोका। सैकड़ों निहत्थे नागरिक मारे गये। कुछ अनुमानों के अनुसार 1000 से अधिक लोगों की जान गयी। वैसे सेना को भेजने का फैसला सामूहिक रूप से किया गया था लेकिन ली को इस खूनी कार्रवाई के लिए व्यापक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया।

हालांकि, ली ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के फैसले को ‘जरूरी’ कदम बताते हुए बार-बार बचाव किया। उन्होंने 1994 में ऑस्ट्रिया की यात्रा के दौरान कहा था, ‘‘ बिना इन कदमों के चीन के सम्मुख पूर्वी सोवियत संघ या पूर्वी यूरोप से भी भयावह स्थिति खड़ी हो जाती ।’’ 

टॅग्स :चीनसंयुक्त राष्ट्र
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