कौन हैं रौनक चौधरी?, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 29, 2026 16:28 IST2026-04-29T16:27:16+5:302026-04-29T16:28:00+5:30
सड़क हादसों से बचाने के लिए रात के समय गायों के गले में रेडियम बेल्ट बांधने जैसी पहल उनके जमीनी स्तर पर काम करने की सोच को दर्शाती है।

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आज के समय में जहां सोशल मीडिया को अक्सर केवल मनोरंजन का माध्यम माना जाता है, वहीं कुछ युवा इसे समाज सेवा का सशक्त जरिया भी बना रहे हैं। ऐसे ही एक नाम हैं रौनक चौधरी, जिन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
रौनक चौधरी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। इंस्टाग्राम पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है, लेकिन उनकी असली पहचान उनके सेवा कार्यों से बनती है। वे गौसेवा के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना चुके हैं। उनके वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का काम करते हैं।
कम उम्र में ही रौनक ने ‘जीवदया फाउंडेशन’ की शुरुआत कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बदलाव लाया जा सकता है। यह संस्था विशेष रूप से बेसहारा और घायल पशुओं की मदद के लिए कार्य कर रही है। सड़क हादसों से बचाने के लिए रात के समय गायों के गले में रेडियम बेल्ट बांधने जैसी पहल उनके जमीनी स्तर पर काम करने की सोच को दर्शाती है।
रौनक चौधरी का योगदान केवल पशु सेवा तक सीमित नहीं है। वे मानव सेवा में भी बराबर सक्रिय हैं। जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराना, गरीब परिवारों की सहायता करना और ठंड के मौसम में कंबल वितरण जैसे कार्य उनके संवेदनशील व्यक्तित्व को उजागर करते हैं। उनके कार्यों की सराहना कई प्रसिद्ध हस्तियों द्वारा भी की जा चुकी है, जिससे उनकी पहल को और मजबूती मिली है।
रौनक अपने फॉलोअर्स को भी समाज सेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम का हिस्सा बन सकें। आज रौनक चौधरी यह साबित कर रहे हैं कि सोशल मीडिया का सही उपयोग केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित में भी किया जा सकता है।
उनका सफर यह संदेश देता है कि युवा अगर ठान लें, तो वे देश और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। भविष्य में रौनक अपनी संस्था के कार्यों को और विस्तार देने की दिशा में प्रयासरत हैं। उनका लक्ष्य है कि सेवा और संवेदनशीलता का यह संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे और अधिक से अधिक लोग इस नेक कार्य में भागीदार बनें। रौनक चौधरी की यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि उस सोच की मिसाल है जिसमें प्रसिद्धि के साथ जिम्मेदारी और मानवता भी शामिल है।