NEET में दो बार फेल छात्र ने MBBS एडमिशन के लिए खुद का पैर काटा!, पुलिस जांच में खुलासा
By संदीप दाहिमा | Updated: January 23, 2026 18:38 IST2026-01-23T18:36:39+5:302026-01-23T18:38:25+5:30
जौनपुर जिले में एक छात्र ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में दो बार असफल होने के बाद एमबीबीएस में दाखिल के लिए कथित तौर पर दिव्यांग कोटा हासिल करने की नीयत से अपना पैर काट लिया।

NEET में दो बार फेल छात्र ने MBBS एडमिशन के लिए खुद का पैर काटा!, पुलिस जांच में खुलासा
जौनपुर जिले में एक छात्र ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में दो बार असफल होने के बाद एमबीबीएस में दाखिल के लिए कथित तौर पर दिव्यांग कोटा हासिल करने की नीयत से अपना पैर काट लिया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सघन जांच के बाद इस साजिश का खुलासा कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव निवासी आकाश भाष्कर ने 18 जनवरी की सुबह पुलिस को सूचना दी कि 17 जनवरी की देर रात कुछ अज्ञात बदमाश उसके निर्माणाधीन मकान में घुसे और उनके भाई सूरज की बेरहमी से पिटाई कर उसका पैर का पंजा काट लिया। उन्होंने बताया कि इस सनसनीखेज सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच नगर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) गोल्डी गुप्ता को सौंपी गई।
दिव्यांग कोटे से एमबीबीएस करने के लिए युवक ने खुद ही काट लिया पैर का पंजा, मगर गर्लफ्रेंड ने खोल दी पोल।#जौनपुर में नीट अभ्यर्थी सूरज भास्कर ने 2026 में #MBBS में एडमिशन पाने के लिए अपना पैर खुद काट लिया, उसने दिव्यांग कोटा हासिल करने के लिए पैर खुद काट लियाm pic.twitter.com/TefVnR7wdP
— वर्तमान न्यूज़ (@nvartmaan) January 23, 2026
जांच के दौरान पुलिस को सूरज की कहानी में कई विरोधाभास मिले। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन की जांच में एक युवती का नंबर मिला, जिससे पूछताछ के बाद शक और गहरा गया। इस बीच, पुलिस को सूरज की एक डायरी भी मिली, जिसमें उसने लिखा था, “2026 में मैं एमबीबीएस डॉक्टर बनकर रहूंगा।” श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज नीट में दो बार असफल होने के बाद मानसिक तनाव में आ गया था और एमबीबीएस में दाखिले के लिए दिव्यांग कोटे का लाभ लेने की योजना के तहत उसने खुद ही अपना पैर काट लिया। पुलिस के अनुसार, युवक ने झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के सामने उसका दावा टिक नहीं सका। लाइन बाजार थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि सूरज का इलाज पार्थ अस्पताल में किया जा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिक राय मांगी गई है और उसके बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।