छुट्टियां आ गई हैं और लोग अपने घरों से निकलकर देश-विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं। कुछ लोग ठंडी जगहों पर जा रहे हैं तो कुछ धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो समय की कमी और ऑफिस के काम की वजह से कहीं घूमने नहीं जा पा रहे होंगे। आज हम आपको दिल्ली से जुड़े कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप सिर्फ दो दिन के लिए भी घूमने जा सकते हैं। सबसे अच्छी बात तो ये है ये जगहें ना सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि दिल्ली से यहां जाने में सबसे कम समय भी लगता है। तो अगर आपको भी ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल रही है तो आप वीकेंड में इन जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। 

1. मसूरी

दिल्ली से सिर्फ 300 कि.मी. दूर पहाड़ों से घिरा मसूरी शहर एक सुपरहिट वेकेशन डेस्टिनेशन है। मसूरी भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक पर्वतीय नगर है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, मसूरी उन स्थानों में से एक है जहां लोग बार-बार आते जाते हैं। बाई रोड आपको यहां आने में सिर्फ 5 से 6 घंटे लगेंगे। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। यह पर्वतीय पर्यटन स्थल हिमालय पर्वतमाला के शिवालिक श्रेणी में पड़ता है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। यहां आकर आप गन हिल, म्युनिसिपल गार्डन, तिब्बती मंदिर, कैमब बैक रोड, झाड़ीपानी फॉल, मसूरी झील और वाम चेतना केन्द्र जैसी जगहों पर घूम सकते हैं। 

2. कुफरी

हिमाचल प्रदेश स्थित कुफरी को सर्दियों का हॉटेस्ट प्लेस कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान पर्यटक अपने स्कीइंग गीयर्स के साथ यहां पहुंचते हैं और एक-दूसरे पर बर्फ के गोले फेंकने और स्नो मैन बनाने के लिए तैयार रहते हैं। इस दौरान आने वाले पर्यटकों के कोलाहल से यहां की पहाड़ियां जीवंत हो उठती हैं। स्की स्लोप्स से लोगों को उतरते देखना काफी रोमांचक होता है। कुफरी की सफेद भुरभुरी दुनिया में प्रवेश कर आप भी बर्फ के साम्राज्य का आनंद ले सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में स्थित ये कुफरी शिमला से करीब 22 किमी. दूर स्थित है। यहां आकर आप महासू पीक, ग्रेट हिमालयन नेचर पार्क, और फागू कुफरी जैसे कुछ फेमस टूरिस्ट स्पॉट पर घूम सकते हैं। यह जगह लंबी पैदल यात्रा, शिविर और ट्रैकिंग जैसे विभिन्न साहसिक गतिविधियों के लिए भी लोकप्रिय है। कुफरी में अपने प्रवास के दौरान साहसिक उत्साही स्कीइंग, टोबोगैनिंग, गो–कार्टिंग, और घोड़े की सवारी की तरह विभिन्न खेलों का आनंद ले सकते हैं।

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3. रानीखेत

रानीखेत उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले के अंतर्गत एक पहाड़ी पर्यटन स्थल है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत बहुत ही रमणीक एक लघु हिल स्टेशन है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 85 किमी की दूरी पर स्थित यह पक्की सड़क से जुड़ा है। इस स्थान से हिमाच्छादित मध्य हिमालयी श्रेणियां स्पष्ट देखी जा सकती हैं। उत्तराखंड की कुमाऊं की पहाड़ियों के आंचल में बसा रानीखेत फ़िल्म निर्माताओं को भी बहुत पसन्द आता है। यहां दूर-दूर तक रजत मंडित सदृश हिमाच्छादित गगनचुंबी पर्वत, सुंदर घाटियां, चीड़ और देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़, घना जंगल, फलों लताओं से ढके संकरे रास्ते, टेढ़ी-मेढ़ी जलधारा, सुंदर वास्तु कला वाले प्राचीन मंदिर, ऊंची उड़ान भर रहे तरह-तरह के पक्षी और शहरी कोलाहल तथा प्रदूषण से दूर ग्रामीण परिवेश का अद्भुत सौंदर्य आकर्षण का केन्द्र है।

4. डलहौजी

कांगड़ा से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं डलहौजी। जहां पहाड़ों का राजा कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश में कदम-कदम पर प्रकृति ने सुंदरता के एक से बढ़कर एक नमूने बिखरा दिए हैं। जहां जाएं बस मन मचलकर रह जाए। यहां की शीतल, मंद और महकती हवाएं हर किसी के मन को मोह लेती है। जब किसी ऐसी जगह पहुंच जाएं जहां बस पहाड़ हों, पेड़ हों और दूर-दूर तक फैली हरियाली हो तो यह नजारा और भी मन को मोहने वाला होता है। यहां आप गगनचुंबी हिमालय, डलहौजी में बने आकर्षक घर, झरनों का तेज़ बहता पानी, आलीशान विशाल वृक्ष, सर्पाकार सड़कें, उन सड़कों के किनारें ठंडी ठंडी हवाएं फेंकते रंग बिरंगे फूलों वाले पेड़-पौधे आदि को देखने का आनंद उठा सकते हैं। 

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5. कसौल

हिमाचल प्रदेश में एक ऐसा ही गांव है कसोल, जोकि पार्वती नदी के किनारे बसा हुआ है। कसोल पहले टूरिस्ट्स के बीच ज्यादा प्रसिद्ध नहीं था, लेकिन अब यह छोटा सा हिल स्टेशन भी टूरिस्ट्स के बीच खासा पॉपुलर होता जा रहा है। यहां घुसते ही आपको तंबुओं की क़तारें और उनके सामने खड़ी मोटरसाइकिलें दिखती हैं।

यहां के रेस्तरां में सारे मैन्यू हिब्रू भाषा में है। नमस्कार की जगह आपको 'शलोम' सुनाई पड़ेगा और यूं ही घूमते फिरते कई इसराइलियों से आपका सामना होगा। इसीलिए कसौल को मिनी इसराइल भी कहते हैं। यहां शाम की बयार में लहराते दिखते हैं तिब्बती या स्टार ऑफ़ डेविड वाले इसराइली झंडे।