ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया भारतीय राजनेता हैं। मोदी सरकार में नागर विमानन मंत्री हैं। इससे पहले वह 18 सालों तक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया 15वीं लोकसभा के मंत्रिमंडल में वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री भी रहे थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1971 को हुआ था। इनका संबंध सिंधिया राजघराने से है। इनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया भी गुना से कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार रहे हैं। Read More
ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया के बीजेपी में शामिल होते ही मध्य प्रदेश सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं । दोनों पार्टियों ने अपने-अपने विधायकों को राज्य की राजधानी से दूर भेज दिया है। ...
MP Taza Khabar: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति कहा है कि अब जो होगा फ्लोर टेस्ट के बाद होगा वो भी नियम के अनुसार होगा। सत्ता में वही होगा जो बहुमत साबित करेगा। 16 मार्च को बजट सत्र शुरू होने के बाद फ्लोर टेस्ट किया जाएगा। ...
MP Taza Khabar: ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने से प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मध्य प्रदेश में यह राजनीतिक स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। ...
मध्य प्रदेश के सियासी तूफान के केंद्र में 49 वर्षीय ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। वह ग्वालियर के तत्कालीन शाही परिवार से आते हैं और उनके परिवार के संबंध कांग्रेस और बीजेपी दोनों से रहे हैं। ...
एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि आने वाले समय में क्या गारंटी है कि शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय की तरह ही ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं होंगे. केंद्रीय नेतृत्व को यहां पर सरकार परिवर्तन के साथ ही ...
ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीर में राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ एक साथ हैं। राहुल गांधी ने दिसंबर में क्लिक की गई तस्वीर को रीट्वीट किया है। ...
18 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने 11 मार्च को बीजेपी का दामन थाम लिया। सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार मुश्किल में आ गई है क्योंकि सिंधिया खेमे के 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया। ...
राहुल गांधी का रुख यह है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष नहीं हैं और पार्टी मामलों में तब तक हस्तक्षेप नहीं करेंगे जब तक उनसे विशेष रूप से नहीं पूछा जाए. सोनिया गांधी ने मध्यप्रदेश में दो गुटों के बीच शांति बहाल करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश भी की लेकिन इसका ...