लाइव न्यूज़ :

Sawan 2023: 4 जुलाई से सावन शुरू, अधिकमास के चलते 58 दिनों का होगा माह, कुल 8 सावन सोमवार व्रत

By रुस्तम राणा | Updated: June 29, 2023 13:44 IST

साल 2023 में सावन माह 4 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है। इस साल का सावन भी विशेष रहने वाला है। अधिकमास के चलते सावन का महीना 58 दिनों का होगा। ऐसे में सावन के महीने का समापन 31 अगस्त 2023 को होगा।

Open in App

Sawan 2023: सावन माह में चारो तरफ बरसात और हरियाली भरा मौसम देखने को मिलता है। धार्मिक दृष्टि से भी यह माह भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। इसे भगवान शिव का प्रिय माह कहा जाता है। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना और जलाभिषेक करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं। सावन सोमवार व्रत और सावन शिवरात्रि के दिन शिवभक्त भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करते हैं। 

अधिकमास के चलते दो माह का रहेगा सावन

साल 2023 में सावन माह 4 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है। इस साल का सावन भी विशेष रहने वाला है। अधिकमास के चलते सावन का महीना एक की बजाय दो महीनों का होगा। ऐसे में सावन के महीने का समापन 31 अगस्त 2023 को होगा और जिसके चलते श्रावण माह में कुल 8 सावन सोमवार व्रत आएंगे और 9 मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे। 19 वर्षों के बाद इस तरह का संयोग देखने को मिल रहा है। 

सावन सोमवार व्रत 2023 की तिथियां 

सावन का पहला सोमवार-    10 जुलाईसावन का दूसरा सोमवार-    17 जुलाईसावन का तीसरा सोमवार- 24 जुलाईसावन का चौथा सोमवार- 31 जुलाईसावन का पांचवा सोमवार- 07 अगस्तसावन का छठा सोमवार- 14 अगस्तसावन का सातवां सोमवार- 21 अगस्तसावन का आठवां सोमवार- 28 अगस्त

सावन सोमवार व्रत विधि

सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर व्रत का संकल्प लें। अब पूजा स्थल की साफ सफाई कर वेदी स्थापित करें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। सुबह शाम शिव परिवार की पूजा-अर्चना करें। तिल के तेल का दीपक जलाएं और भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित करें। भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और शिप चालीसा का पाठ करें। शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करें और सुपारी, पंचामृत, नारियल और बेलपत्र चढ़ाएं। सावन व्रत कथा का पाठ करना न भूलें। भगवान शिव को भोग लगाएं। शाम को पूजा समाप्ति के बाद व्रत खोल सकते हैं।

सावन महीने का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माह होता है। इस समय देवों के देव महादेव समस्त सृष्टि का संचालन करते हैं। शिव पुराण में ऐसा वर्णन मिलता है कि श्रावण मास में माता पार्वती ने निराहार रहकर भोलेनाथ को पति रूप में पाने के लिए कठोर व्रत किया था। इसी कारण ये महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। इस महीने शिवभक्त शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। सावन महीने में रुद्राभिषेक करना भी काफी फलदायी बताया जाता है। 

टॅग्स :सावनभगवान शिव
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठकैसे करें हनुमान बाहुक का पाठ?, मंगलवार-शनिवार को शुरू कर पाठ?, देखिए वीडियो

पूजा पाठHanuman Janmotsav 2026: रूद्र के अवतार हनुमान जी को अमरता का वरदान?, मंगलवार को जरूर करें बजरंग बाण?, वीडियो

ज़रा हटकेबाबा धाम का वीडियो वायरल! भीड़ कंट्रोल या बदसलूकी? दर्शन व्यवस्था पर उठे सवाल

पूजा पाठआमलकी और रंगभरी एकादशी में क्या फर्क है? होली से पहले मनाया जाता है त्योहार, जानें

पूजा पाठश्री महाकालेश्वर मंदिर में डिजिटल विस्तार, संध्या एवं शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ, मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशन अच्छी पहल 

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य

पूजा पाठगुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स