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एक बार पढ़ लें रामचरितमानस की ये पंक्ति, मिल जाएगा जीवन की 7 बड़ी मुश्किलों का हल

By गुलनीत कौर | Updated: March 7, 2019 17:25 IST

रामचरितमानस की इस पंक्ति में तुलसीदास जी कह रहे हैं जब भी मनुष्य अपने जीवन में किसी कठिनाई में आता है तो केवल 7 चीजें ही उसकी ढाल बनती हैं। ये हैं - ज्ञान, विनम्रता, कर्म, विवेक, साहस, सच, आस्था।

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तुलसीदास रचित रामचरितमानस में मनुष्य जीवन की कई परेशानियों का हल लिखा है। इस धार्मिक ग्रन्थ की हर पंक्ति रामायण काल की गाथा सुनाने के साथ व्यक्ति को ज्ञान, जीवन उद्देश्यों और उपदेशों से भी परिचित कराती है। इन्हीं में से एक पंक्ति हम यहां बताने जा रहे हैं जिसमें तुलसीदास जी ने मनुष्य जीवन की दिक्कतों और उनका समाधान कैसे पाएं, यह बताया है। 

रामचरितमानस की पंक्ति:

तुलसी साथी विपत्ति के विद्या, विनय, विवेक।साहस सुकृति सुसत्याव्रत राम भरोसे एक।।

रामचरितमानस की इस पंक्ति में तुलसीदास जी कह रहे हैं जब भी मनुष्य अपने जीवन में किसी कठिनाई में आता है तो केवल 7 चीजें ही उसकी ढाल बनती हैं। ये हैं - ज्ञान, विनम्रता, कर्म, विवेक, साहस, सच, आस्था। ये वे 7 चीजें हैं जो यदि किसी मनुष्य के पास हैं तो वह बड़ी से बड़ी कठिनाई से भी बाहर आ सकता है। आइए जानें कैसे:

1) ज्ञान

केवल किताबी ज्ञान नहीं, जीवन के अनुभवों से लिया हुआ ज्ञान व्यक्ति को कई हर परेशानी से लड़ने की हिम्मत और समझ देता है। ज्ञान की कमी जीवन बर्बाद कर देती है। 

2) विनम्रता

स्वभाव में विनम्रता का होना बेहद जरूरी है। गर्म दिमाग और बोलचाल का तरीका सही ना तो यह हमें परेशानी में डालता है। जबकि विनम्र स्वभाव हमें समझदारी देता है। 

3) कर्म

हमारा भविष्य हमारे अच्छे-बुरे कर्मों पर ही निर्भर होता है। अच्छे कर्म करना हमें हमेशा जीवन की सही दिशा की ओर ले जाता है। यदि बिपता भी आएद तो हमारे कर्म ही हमें उससे बाहर निकालते हैं।

4) विवेक

कलियुग में विवेक यानी बुद्धि ही मनुष्य का सबसे बड़ा बल है। धन हो या ना हो, लें बुद्धि हमें ओरों से आगे ले जाती है। समाज में पड़, प्रतिष्ठा दिलाती है। 

5) साहस

साहस व्यक्ति को हर मुश्किल से लड़ने में मदद करता है। किसी भी परिस्थिति में फंसने के बाद भय कम लगता है और उससे लड़ने की क्षमता आ जाती है। 

6) सत्य

सत्य बोलने वाला व्यक्ति कभी किसी मुश्किल में नहीं पड़ता है। मुश्किल के समय में भी वह वही कहता है जो सत्य है। इसलिए वह परेशानी से जल्दी मुक्त भी हो जाता है।

7) आस्था

आस्था भगवान में हो, किसी व्यक्ति के प्रति हो या खुद के विशवास पर हो। आस्था अगर पक्की होगी तो मुश्कलों से लड़ने में मदद मिलती है। नकारात्मक विचार नहीं आते हैं। 

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