लाइव न्यूज़ :

Navratri 2019: माता चंद्रघंटा देवी की पूजा से समस्त पाप और बाधाएं होंगी खत्म, जानिए पूजा विधि

By ज्ञानेश चौहान | Updated: October 1, 2019 08:15 IST

माता चंद्रघंटा का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। माता के तीन नैत्र और दस हाथ हैं। इनके कर-कमल गदा, बाण, धनुष, त्रिशूल, खड्ग, खप्पर, चक्र और अस्त्र-शस्त्र हैं, अग्नि जैसे वर्ण वाली, ज्ञान से जगमगाने वाली दीप्तिमान देवी हैं चंद्रघंटा।

Open in App
ठळक मुद्देमां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप व बाधाएं खत्म हो जाती हैं। देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए।

नवरात्रि का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा देवी का होता है। इस दिन भक्त माता चंद्रघंटा की पूजा करके मां का आशीर्वाद लेते हैं। पूजा सार्थक होने पर माता चंद्रघंटा देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है।

स्वर्ण के समान चमकीला है मां का रंगमाता चंद्रघंटा का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। माता के तीन नैत्र और दस हाथ हैं। इनके कर-कमल गदा, बाण, धनुष, त्रिशूल, खड्ग, खप्पर, चक्र और अस्त्र-शस्त्र हैं, अग्नि जैसे वर्ण वाली, ज्ञान से जगमगाने वाली दीप्तिमान देवी हैं चंद्रघंटा। ये शेर पर आरूढ़ है तथा युद्ध में लड़ने के लिए उन्मुख है।

मां चंद्रघंटा की पूजा से मिलता है ये फल    मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप व बाधाएं खत्म हो जाती हैं। मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक पराक्रमी व निर्भय हो जाता है। मां चंद्रघंटा प्रेतबाधा से भी रक्षा करती है, इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया का भी विकास होता है। मां चंद्रघंटा की उपासना से मनुष्य समस्त सांसारिक कष्टों से मुक्ति पाता है। तृतीया के दिन भगवती की पूजा में दूध की प्रधानता होनी चाहिए और पूजन के उपरांत वह दूध ब्राह्मण को देना उचित माना जाता है। इस दिन सिंदूर लगाने का भी रिवाज है।

किस रंग के पहनें कपड़े और क्या चढ़ाएं प्रसाद?देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मां चंद्रघंटा को अपना वाहन सिंह बहुत प्रिय है और इसीलिए गोल्डन रंग के कपड़े पहनना भी शुभ है। इसके अलावा मां सफेद चीज का भोग जैसे दूध या खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है।

टॅग्स :नवरात्रिमां दुर्गादुर्गा पूजाहिंदू त्योहारत्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

कारोबारApril 2026 Festival List: बैसाखी से बिहू तक, अप्रैल 2026 में छुट्टियों का पिटारा, चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल