लाइव न्यूज़ :

Navratri 2019, 7th Day: तंत्र-मंत्र की देवी हैं मां कालरात्रि, पानी हो गुप्त शक्तियां तो इस विधी से करें मां की पूजा

By मेघना वर्मा | Updated: October 5, 2019 09:16 IST

मां कालरात्रि की पूजा करते हुए इस बात का ध्यान रखें कि आपका सिर खाली ना हों सिर पर साफ कपड़ा या रूमाल जरूर रखें।

Open in App
ठळक मुद्देनवरात्रि के सातंवे दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है।नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

नवरात्रि के सातवें दिन देवी के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। जिन्हें तांत्रिक गुप्त शक्तियों की देवी भी कहा जाता है। मान्यता है कि देवी के इस स्वरूप की सेवा करके व्यक्ति अपने दुष्टों और शत्रुओं से छुटकारा प्राप्त कर सकता है। भक्त पर आई हर तरह की बाधा को मां कालरात्रि हर लेती है। तीन नेत्रों वाली देवी की पूजा लोग गुप्त शक्तियां प्राप्त करने के लिए भी करते हैं। मां की विशेष पूजा के साथ विशेष आरती भी गाई जाती है।

बात करें मां के स्वरूप की उनका शरीर काला है। बाल बिखरे हुए हैं। गले में माला है।  माता के चार हाथ हैं और एक हाथ में कटार है। मां कालरात्रि के तीन नेत्र हैं। इनकी सवारी गर्दभ या गधा है। मां कालरात्रि, शनि ग्रह पर भी राज करती हैं। इसलिए जिन लोगों का शनि खराब है वो भी मां कालरात्रि की पूजा करना चाहिए।

मां को चढ़ाएं ये खास फूल

मां कालरात्रि की पूजा करने के लिए खास चमेली के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो आप मां कालरात्रि की पूजा के लिए आप किसी भी फूल का उपयोग कर सकते हैं मगर शास्त्रों की मानें तो चमेली के फूलों से मां की सेवा करना ज्यादा फलदायी होता है।

 

खास बात ये है कि कालरात्रि की पूजा की शुरूआत आप गणेश पूजा से करें उसके बाद मां कालरात्रि की पूजा करें। बाद में मां कालरात्रि की आरती जरूर करें।

ये हो पूजा-विधि

मां कालरात्रि का पूजन करने के लिए सुबह स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।देवी को अक्षत, धूप गंध, रातरानी पुष्प और गुड़ का नैवेद्य करें। इसके बाद मां की स्तुति करें।स्तुति के लिए-

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ का जप करें।आप ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ मंत्र का भी उच्चारण कर सकते हैं।

टॅग्स :नवरात्रिदुर्गा पूजादशहरा (विजयादशमी)पूजा पाठहिंदू त्योहारत्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

कारोबारApril 2026 Festival List: बैसाखी से बिहू तक, अप्रैल 2026 में छुट्टियों का पिटारा, चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 06 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 06 April 2026: आज इन 4 राशिवालों को होगा चौतरफा लाभ, नौकरी-व्यापार में होगी तरक्की

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद