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Christmas 2018: कुंवारी महिला के गर्भ से पवित्र आत्मा द्वारा जन्मे थे यीशु, पहले ही चमत्कार में 5 रोटी से भरा था 5 हजार लोगों का पेट

By उस्मान | Updated: December 25, 2018 07:19 IST

बाइबिल के अनुसार, यह भविष्यवाणी हुई थी कि एक कुंवारी महिला के जरिए पवित्र आत्मा द्वारा एक बालक जन्म लेगा जिसका नाम इम्मानुएल होगा, जिसका अर्थ है, 'परमेश्वर हमारे साथ है।' वो बालक दुनिया को पापों से मुक्त कराएगा। 

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आज यानी 25 दिसंबर को देशभर में क्रिसमस का त्यौहार मनाया जा रहा है। ईसाई धर्म के लोग क्रिसमस को 'बड़ा दिन' भी कहते हैं। बताया जाता है कि यीशु मसीह के जन्मदिवस को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है।इस दिन ईसाई समुदाय के लोग गिरजाघरों में इकठ्ठा होकर विशेष प्रार्थना करते हैं। कहते हैं यीशु के जन्म की भविष्यवाणी उनके जन्म से बहुत पहले कर दी गई थी। बाइबिल के अनुसार, यह भविष्यवाणी हुई थी कि एक कुंवारी महिला के जरिए पवित्र आत्मा द्वारा एक बालक जन्म लेगा जिसका नाम इम्मानुएल होगा, जिसका अर्थ है, 'परमेश्वर हमारे साथ है।' वो बालक दुनिया को पापों से मुक्त कराएगा। 

यीशु मसीह का जन्म यीशु ममसीह का जन्म यरुशलम के बेथलहम (बैतलहम) में हुआ था। यरुशलम अब इजरायल देश की राजधानी है। यीशु मसीह की मां का नाम मरियम और पिता का नाम युसूफ है। ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक बाइबल की 'मत्ती' के अध्याय 2 के अनुसार, युसूफ के साथ संबंध बनाने से पहले ही मरियम पवित्र आत्मा से गर्भवती हुई थी। मरियम के गर्भवती होने की बात सुनकर युसूफ ने उससे मंगनी तोड़ने का फैसला किया था। एक स्वर्गदूत ने यूसुफ को सपने में दर्शन देकर कहा कि वह मरियम को अपना ले क्योंकि उसका गर्भ धारण पवित्र-आत्मा से है। 

यीशु का नाम कैसे रखा गयास्वर्गदूत ने सपने में युसूफ यह भी कहा कि वह शिशु का नाम यीशु रखे क्योंकि वह अपने लोगों का पाप से उद्धार करेगा। ऐसा माना जाता है कि यीशु मसीह के पैदा होने की भविष्यवाणी बहुत पहले हो गई थी। बाइबल के पुराने नियम के अनुसार, एक कुंवारी पुत्र को जन्म देगी और वह इम्मानुएल कहलाएगा जिसका अर्थ है, 'परमेश्वर हमारे साथ है।' 

यीशु के जन्म से भयभीत था राजा हेरोदेसउस दौरान यहूदियों का राजा हेरोदेस था। भविष्यवाणी के अनुसार, यीशु के जन्म की खबर ज्योतिषियों को हुई और वे यरूशलेम में आकर पूछने लगे कि यहूदियों का राजा का जन्म कहां हुआ है? इस बात का राजा हेरोदेस को पता चल गया। यह खबर सुनकर वो घबरा गया। उसे अपने गद्दी जाने का डर था। उसने तमाम शास्त्रियों को इकठ्ठा करके यीशु के जन्म स्थल का पता लगाने को कहा। 

तारे का पीछा करते यीशु के पास पहुंचे ज्योतिषी  बाइबल के अनुसार, ज्योतिषियों को यीशु के जन्म का एक तारे से पता चला जो पूर्व में नजर आया था, उसी का पीछा करते हुए वो पहले राजा हेरोदेस और फिर यीशु के पास पहुंचे थे। हालांकि वो बैतलहम में यीशु का दर्शन और उन्हें भेंट देकर अलग-अलग रास्तों से अपने देश पहुंच गए थे। वास्तव में वो राजा हेरोदेस को यीशु के जन्म स्थान की खबर नहीं देना चाहते थे। 

यीशु की हत्या करना चाहता था राजा हेरोदेसराजा हेरोदेस ने यीशु को खोजने की तमाम कोशिश की। लेकिन यूसुफ को सपने में चेतावनी दी गई कि वह यीशु और मरियम को लेकर मिस्र चला जाए क्योंकि हेरोदेस यीशु की हत्या करने की खोज में था। जब ज्योतिषी वापस राजा के पास नहीं लौटे तो उसने डर की वजह से बैतलहेम में दो वर्ष और दो वर्ष से कम आयु के सब लड़कों को मरवा दिया। 

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