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Magha Month 2020: माघ महीने में जरूर करें ये 5 काम, इस तारीख से शुरू हो रहा है पवित्र महीना

By मेघना वर्मा | Updated: December 7, 2019 12:50 IST

माना जाता है कि पौष मास की पूर्णिमा से माघ मास की पूर्णिमा तक पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। सिर्फ यही नहीं माघ के महीने में कुछ विशेष प्रकार के उपायों को भी किया जाना अच्छा बताया जाता है।

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ठळक मुद्देमाना जाता है कि पौष मास की पूर्णिमा से माघ मास की पूर्णिमा तक पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। इसी महीने में तिल, गुड़ और कंबर का दान भी करना चाहिए।

भारत भर में माघ का महीना सबसे पवित्र महीना बताया जाता है। स्वर्ग लोक की इच्छा पूरी करने के लिए लोग माघ मास में तरह-तरह के उपाय करते हैं। साथ ही माघ के महीने में पवित्र नदी में स्नान करने को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2020 में माघ मा ही की शुरुआत होने वाली है। 

जनवरी 21 से माघ महीने की शुरुआत हो जाएगी। माना जाता है कि पौष मास की पूर्णिमा से माघ मास की पूर्णिमा तक पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। सिर्फ यही नहीं माघ के महीने में कुछ विशेष प्रकार के उपायों को भी किया जाना अच्छा बताया जाता है। इसी महीने में तिल, गुड़ और कंबर का दान भी करना चाहिए।

माघ महीने में करें ये काम

1. माघ मास में रोजाना सुबह तारों की छांव में नित्य कार्यों से निवृत होकर पूजन से पूर्व तिल, जल, फूल, कुश अंजली में भरकर संकल्प करें। इसके बाद रोजाना हरि नाम का कीर्तन जरूर करें।

2. माघ के महीने में किसी पवित्र नदी में या कुंड में स्नान करें। ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है। अगर ये संभव ना हो तो रोजाना अपने नहाने के पानी में गंगाजल मिला लें और उससे स्नान करें। 

 3. माघ मास में कल्पवास का विशेष महत्त्व माना गया है। माघ माह में संगम के तट पर निवास को कल्पवास कहा जाता है। माघ मास के दौरान मनुष्य को कम से कम एक बार पवित्र नदी में स्नान अवश्य करना चाहिए। 

4. इन दिनों व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान, पुण्य तथा जाप करना चाहिए। आप इस महीने में तिल, गुड़ और कंबल दान कर सकते हैं। आप चाहें तो इस महीने में भंडारे का आयोजन भी कर सकते हैं।

5. माघ महीने में रोजाना हरि का नाम लें और कीर्तन करें। संभव हो तो सत्संग, प्रवचन, माघ महात्म्य तथा पुराण सुनें। इस महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करना लाभकारी सिद्ध होता है। स्नान के बाद सूर्य को गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए अर्घ्य जरूर दें।

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