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Chandra Grahan 2020: 30 November को लगेगा साल का अखिरी चंद्र ग्रहण, जानें समय-सूतक काल - lunar eclipse Nov 2020

By गुणातीत ओझा | Updated: November 20, 2020 21:18 IST

दीपावली से ठीक 16 दिन बाद यानी 30 नवंबर को इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण अमेरिका समेत विश्व के कई देशों में देखा जाएगा, लेकिन भारत में नहीं।

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ठळक मुद्देदीपावली से ठीक 16 दिन बाद यानी 30 नवंबर को इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण अमेरिका समेत विश्व के कई देशों में देखा जाएगा, लेकिन भारत में नहीं।

कब है साल 2020 का अंतिम चंद्र ग्रहण?

Lunar Eclipse 2020: दीपावली से ठीक 16 दिन बाद यानी 30 नवंबर को इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण अमेरिका समेत विश्व के कई देशों में देखा जाएगा, लेकिन भारत में नहीं। यहां नहीं दिखाई देगा, ऐसे में भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा, हालांकि कुछ लोग सूतक काल मानकर इस दौरान कुछ भी शुभ काम नहीं करते हैं। यह अपनी-अपनी आस्था पर निर्भर करता है कि वह देश में नहीं दिखने वाले चंद्रग्रहण के दौरान सूतक काल को प्राथमिकता देते हैं या नहीं।

जानकारों की मानें तो वर्ष 2020 में अब तक कुल 6 ग्रहण लगने थे। सूर्य और चंद्र ग्रहण को मिलाकर अब तक कुल 4 ग्रहण लग चुके हैं। इनमें से अंतिम कड़ी में चंद्र ग्रहण 30 नवंबर तो साल का अंतिम सूर्य ग्रहण दिसंबर में लगेगा। दरअसल, 30 नवंबर को लगने वाला साल का अंतिम चंद्रग्रहण एक उपछाया चंद्रग्रहण होगा। पुजारी-विद्वानों का कहना है कि उपछाया चंद्र ग्रहण लगने के चलते इस दौरान सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में भारत में रहने वालों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां पर यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

30 नवंबर को लगने वाला साल का अंतिम चंद्र ग्रहण एशिया के कुछ देशों के साथ अमेरिका के कुछ हिस्सों के अलावा ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा। इस चंद्र ग्रहण का असर भारत में नहीं पड़ेगा।

30 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा ग्रहणइस दौरान ग्रहण का मध्यकाल 30 नवंबर की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर होगा।चंद्र ग्रहण के समाप्त होने का समय 30 नवंबर की शाम 5 बजकर 22 मिनट पर होगा।

सामान्य भाषा में चंद्र ग्रहण उस स्थित या घटना को कहते हैं जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी की पूरी या आंशिक छाया चंद्रमा पर पड़ती है। वैज्ञानिकों की मानें तो चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण को नहीं।

क्या होता है सूतक काल

चंद्र ग्रहण या फिर सूर्य ग्रहण, दोनों ही स्थितियों में ग्रहण लगने के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य मना होते हैं। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण लगने के 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ होता है और ग्रहण खत्म होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। 

क्या है धार्मिक मान्यता:

मान्यता है कि चंद्र ग्रहण बेहद ही महत्वपूर्ण होता है। चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। ग्रहण जब चंद्रमा पर लगता है तो इसका सीधा असर व्यक्ति के मन पर पड़ता है। कहा तो यह भी जाता है कि चंद्रमा, पानी को अपनी ओर चंद्र ग्रहण के समय आकर्षित करता है। यही कारण है कि इस दौरान समुद्र की लहरें काफी ऊंचाई तक उठने लगती हैं। चंद्र ग्रहण के समय हवन, यज्ञ, और मंत्र जाप आदि किए जाते हैं क्योंकि मान्यता है कि ग्रहण के समय चंद्रमा को काफी पीड़ा होती है। इस दौरान जप-तप और दान-पुण्य का भी अधिक महत्व होता है।

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