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मंदिर में परिक्रमा करते समय ना करें ये 9 बड़ी गलतियां, वरना नहीं मिलेगा शुभ फल

By मेघना वर्मा | Updated: December 13, 2019 10:28 IST

जाने-अनजाने में हुई ऐसी गलतियों से कभी भी परिक्रमा के बाद मिलने वाले फल प्राप्त नहीं होते। इसलिए जब भी मंदिर में परिक्रमा करें तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें।

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ठळक मुद्देहर मंदिर में दर्शन के अपने अलग नियम भी होते हैं।मान्यता है कि मंदिर की परिक्रमा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

हिन्दू धर्म में मंदिरों की बहुत महत्ता है। हर भगवान को समर्पित यहां आपको मंदिर मिल जाएंगे। कुछ बेहद भव्य तो कुछ छोटे। हर मंदिर की अपना अलग महत्व होता है। हर मंदिर में दर्शन के अपने अलग नियम भी होते हैं। साथ ही मंदिर की परिक्रमा को भी बेहद जरूरी बताया जाता है। मान्यता है कि मंदिर की परिक्रमा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मगर अक्सर हम मंदिर की परिक्रमा करते हुए कुछ गलतियां कर जाते हैं। 

जाने-अनजाने में हुई ऐसी गलतियों से कभी भी परिक्रमा के बाद मिलने वाले फल प्राप्त नहीं होते। इसलिए जब भी मंदिर में परिक्रमा करें तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। ताकि आप गलतियां ना करें। आज हम आपको ऐसे ही गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें परिक्रमा के समय करने से आपको बचना चाहिए।

मंदिर की परिक्रमा करते समय ना करें ये गड़बड़ियां

1. भगवान की परिक्रमा करते समय मंत्र और जाप का विशेष महत्व होता है इसलिए मंदिर का चक्कर लगाते हुए ईश्वर का मंत्रोच्चारण अच्छी तरह करें। उनके उच्चारण का खास ख्याल रखें।

2. पूजा-पाठ या परिक्रमा के समय काले रंग के कपड़े ना पहनें। इससे नकारात्मकता आती है।

3. परिक्रमा करते समय उसकी संख्या का ध्यान देना बेहद जरूरी है। हिन्दू धर्म में देवताओं के अनुरुप ही उनकी परिक्रमा की जाती है। मसलन सूर्य देव की सात बार, भगवान विष्णु की चार बार, देवी दुर्गा की एक बार और हनुमान जी की तीन बार परिक्रमा की जाती है। तो परिक्रमा के  समय उसकी संख्या का विशेष ख्याल रखें। 

4. परिक्रमा को प्रदक्षिणा के नाम से भी जाना जाता है। परिक्रमा की गिनती में गलती होने पर भी आपको शुभ फल नहीं मिलता। साथ ही आपकी पूजा भी बेकार जाती है। तो परिक्रमा की संख्या की गिनती में कोई गलती ना करें।

5. शिव की जिस मंदिर में आप उन्हें जल चढ़ाएं उस मंदिर में कभी परिक्रमा नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जब आप भगवान शिव पर जल चढ़ाते हैं तो वह जमीन की ओर बहने लगता है । इसके बाद आपके द्वारा की गई परिक्रमा से आप जल को लांघते हैं तो शिव मंदिर की परिक्रमा नहीं करनी चाहिए।

6. परिक्रमा की शुरुआत हमेंशा दायीं ओर से करें। बायीं ओर से शुरू की गई परिक्रमा को अशुभ और उल्टा बताया जाता है। 

7. परिक्रमा करते समय कभी भी खाली हाथ ना रहें। हाथ में सिक्का या अक्षत जरूर रखें। परिक्रमा खत्म होने के बाद इसे अपनी तिजोरी में रख लें इससे आपके धन में वृद्धि होती है। 

8. परिक्रमा के समय अपने मन में किसी भी तरह का गलत विचार ना रखें। इससे आपको अशुभ फल की प्राप्ति होगी।

9. परिक्रमा के समय इस बात का ध्यान रखें कि आपको मंदिर के चक्कर लगाने हैं या अपनी ही जगह पर खड़े रहकर घूमना हैं। शास्त्रों के अनुसार कई देवताओं के आगे ही परिक्रमा की जाती है।

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