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Dev Deepawali 2019: देव दीपावली में करें इन चीजों का दान, दूर हो जाएगी कंगाली

By मेघना वर्मा | Updated: November 8, 2019 11:59 IST

देव दीपावली को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। इस दिन एक बार फिर से पूरी नगरी दीयों की जगमगाहट से रोशन हो जाता है। इसे देवों की दीपावली भी कहा जाता है।

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ठळक मुद्देदेव दीपावली को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। माना जाता है कि जिस प्रकार इंसान दिवाली पर दीये जलाता है उसी प्रकार कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता भी दीये जलाकर दीपावली मनाते हैं।

इस साल देव दीपावली का पर्व 12 नवंबर को पड़ रहा है। इस दिन को हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष को आने वाली इस पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया जाता है। खासकर वारणसी में इस त्योहार की अलग ही छठा देखने को मिलती है। 

देव दीपावली को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। इस दिन एक बार फिर से पूरी नगरी दीयों की जगमगाहट से रोशन हो जाता है। इसे देवों की दीपावली भी कहा जाता है। साथ ही इस दिन दीपों का दान किया जाता है। माना जाता है कि जिस प्रकार इंसान दिवाली पर दीये जलाता है उसी प्रकार कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता भी दीये जलाकर दीपावली मनाते हैं। इसीलिए इसका नाम देव दीपावली रखा गया है।

देव दीपावली के दिन ना सिर्फ दीपों को जलाने का चलन है बल्कि इस दिन दान-पुण्य को भी सबसे बेहतरीन माना जाता है। मगर क्या आप जानते हैं इस दिन खास तरह के दान से आप अपने ऊपर छाई कंगाली को दूर भगा सकते हैं। आप भी जानिए इस देव दीपावली आप क्या चीज कर सकते हैं दान।

देव दीपावली का शुभ मुहूर्त

देव दीपावली 2019 तिथि- 12 नवंबर 2019

शुभ मुहूर्त

देव दीपावली प्रदोष काल शुभ मुहूर्त - शाम 5 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- शाम 6 बजकर 2 मिनट से (11 नवंबर 2019) पूर्णिमा तिथि समाप्त - अगले दिन शाम 7 बजकर 4 मिनट तक (12 नवंबर 2019)

कार्तिक पूर्णिमा को करें इन चीजों का दान

कार्तिक महीने में किसी भी पवित्र नदी में स्नान का सबसे अधिक महत्व बताया गया है। जो लोग पूरे मास स्नान करते हैं, उनका व्रत कार्तिक पूर्णिमा के स्नान से पूर्ण होता है। स्नान के बाद आप गाय, हाथी, रथ, घोड़ा और घी का दान करने का बेहद लाभ होता है। मान्यता है कि अगर आप इन में से किसी भी चीज का दान करते हैं तो आपके संपत्ति में वृद्धि होती है।

सिर्फ यही नहीं इस दिन नक्त व्रत करके बैल का दान भी किया जाता है। इससे शिवपद प्राप्त होता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)के दिन उपवास करने और भगवान का स्मरण करने से अग्निष्टोम के समान फल प्राप्त होता है। माना ये भी जाता है कि देव दीपावली को भेड़ का दान करने से ग्रह योग के कष्ट दूर हो जाते हैं।

टॅग्स :देव दीपावलीकार्तिक मासपूजा पाठहिंदू त्योहार
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