सरकार द्वारा बनाई गई समिति से नाखुश पहलवान, साक्षी मलिक बोली- "हमें आश्वासन दिया गया था लेकिन..."

By अंजली चौहान | Published: January 24, 2023 06:16 PM2023-01-24T18:16:50+5:302023-01-24T18:23:48+5:30

इस कमेटी में कई बड़े खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनके नामों का ऐलान सोमवार को किया गया था। हालांकि, कमेटी गठन के बाद भी पहलवान खुश नहीं है और अब एक और नया मुद्दा खड़ा हो गया है।

Sakshi Malik said that the government did not take our opinion for the oversight committee | सरकार द्वारा बनाई गई समिति से नाखुश पहलवान, साक्षी मलिक बोली- "हमें आश्वासन दिया गया था लेकिन..."

फाइल फोटो

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Highlights सरकार द्वारा डब्ल्यूएफआई की जांच के लिए बनाई गई कमेटी से नाखुश हैं पहलवान।साक्षी मलिक ने कमेटी पर जताई आपत्ति।साक्षी मलिक का आरोप सरकार ने कमेटी गठन से पहले हमसे नहीं ली राय।

नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ पिछले हफ्ते धरने पर बैठे पहलवानों को सरकार ने आश्वासन देकर धरना खत्म करवाने के बाज जांच कमेटी का गठन किया गया। पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने कुश्ती महासंघ के कामकाज देखने के लिए ओवरसाइट कमेटी का गठन किया है।

इस कमेटी में कई बड़े खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनके नामों का ऐलान सोमवार को किया गया था। हालांकि, कमेटी गठन के बाद भी पहलवान खुश नहीं है और अब एक और नया मुद्दा खड़ा हो गया है। पहलवानों ने कमेटी के सदस्यों के नामों को लेकर नाराजगी जताई है। ओलंपिक विजेता, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया ने इस संबंध में ट्वीट कर अपनी नाराजगी जताई है। 

साक्षी मलिक ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा कि हमें आश्वासन दिया गया था कि ओवरसाइट कमेटी के गठन से पहले हमसे परामर्श लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बड़े दुख की बात है कि इस कमेटी के गठन से पहले हमसे राय नहीं ली गई थी। 

साक्षी मलिक के साथ ही बजरंग पुनिया ने भी ट्वीट किया। भले ही ट्वीट अलग-अलग हो लेकिन इन पहलवानों के बोल एक ही तरह है। धरने की अगुवाई कर रहे बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत सभी पहलवान इस कमेटी गठन से नाखुश हैं। बजरंग पुनिया ने भी ट्वीट कर सरकार पर आरोप लगाया कि कमेटी गठन से पहले उनसे राय नहीं ली गई, इस बात से उन्हें बहुत दुख है।

मैरी कॉम हैं कमेटी की अध्यक्ष

सोमवार को केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ओवरसाइट कमेटी के बारे में घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि समिति डब्ल्यूएफआई पर लगे आरोपों की जांच करेगी। समिति दोनों पक्षों को सुनेगी और एक महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट देगी। जांच पूरी होने तक डब्ल्यूएफआई का कामकाज भी समिति ही देखेगी। 

इस समिति में दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम को भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के जांच के लिए बनाई गई कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही समिति में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे, एसएआई के मिशन ओलंपिक सेल की सदस्य और एसएआई की पूर्व प्रशासन राधिका श्रीमन और सीडीआर राजेश राजगोपालन शामिल हैं।

बता दें कि देश का मान बढ़ाने वाले, ओलंपिक से पदक लाने वाले पहलवानों ने तीन दिन तक जंतर-मंतर पर धरना दिया था। इन पहलवानों का कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न और भ्रष्टाचार का आरोप है। तीन दिन तक चले इस धरने के बाद शनिवार 21 जनवरी को मंत्री अनुराग ठाकुर ने जांच के लिए समिति की घोषणा की थी। इससे पहले शुक्रवार को देर रात अनुराग ठाकुर के साथ बैठक के बाद पहलवानों ने अपना धरना खत्म करने का निर्णय  ले लिया था। 

Web Title: Sakshi Malik said that the government did not take our opinion for the oversight committee

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