लाइव न्यूज़ :

चीन ने शीतकालीन ओलंपिक के बहिष्कार पर विचार करने पर अमेरिका पर निशाना साधा

By भाषा | Updated: November 19, 2021 17:49 IST

Open in App

... केजेएम वर्मा ...

बीजिंग, 19 नवंबर मानवाधिकारों के हनन को लेकर आगामी शीतकालीन ओलंपिक खेलों के राजनयिक बहिष्कार पर विचार करने के लिए चीन ने शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहा है।

बाइडेन ने व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आवास और कार्यालय) में गुरुवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हम इस पर विचार कर रहे हैं।’

बाइडेन की यह टिप्पणी सोमवार को चीन के उनके समकक्ष शी जिनपिंग के साथ ऑनलाइन शिखर सम्मेलन के कुछ दिनों बाद आई है। इस दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि उन्हें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और शांति से सह-अस्तित्व में रहना चाहिए ।

बीजिंग अगले साल फरवरी में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए शानदार तैयारी कर रहा है।

यह आयोजन बीजिंग को ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन ओलंपिक दोनों की मेजबानी करने वाला दुनिया का एकमात्र शहर बनाता है। इसने 2008 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी की।

इस आयोजन से बीजिंग ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन ओलंपिक दोनों की मेजबानी करने वाला दुनिया का इकलौता शहर बना जायेगा। इस शहर ने 2008 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी की।

अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के राजनयिक बहिष्कार से इस आयोजन की भव्यता प्रभावित हो सकती है क्योंकि उनके मानवाधिकारों के मुद्दे पर उनका आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल वहां से अनुपस्थित रहेगा।

अमेरिका और यूरोपीय संघ के देशों ने चीन पर शिनजियांग में उइगुर मुसलमानों के खिलाफ व्यापक मानवाधिकार के आरोपों का आरोप लगाया है, जो बहुसंख्यक हान चीन लोगों की बढ़ती बस्तियों का विरोध कर रहे थे। वे हांगकांग और तिब्बत में मानवाधिकार की स्थिति के भी आलोचक हैं।

बाइडेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि शिनजियांग का मामला पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है, जिसमें किसी भी तरह से कोई विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जायेगा।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ‘तथाकथित बंधुआ मजदूर और नरसंहार’ के बारे में चीन पर झूठे आरोप लगाए।

उन्होंने कहा, ‘चीन के लोगों की नजर में वे हंसी के पात्र से ज्यादा कुछ नहीं है और अमेरिका द्वारा लगाए गए अन्य आरोप बिल्कुल निराधार हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि शीतकालीन पैरालंपिक और ओलंपिक खेल दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए खेल का एक मंच हैं।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ इसका राजनीतिकरण ओलंपिक आंदोलन और सभी एथलीटों के हितों को सिर्फ नुकसान पहुंचाएगा। हमें विश्वास है कि संयुक्त प्रयासों से हम निश्चित रूप से विश्व के सामने सुव्यवस्थित, शानदार और सुरक्षित खेल पेश करेंगे और ओलंपिक खेलों को आगे बढ़ाएंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले देख लें आज का ताजा रेट चार्ट, पढ़ें 21 अप्रैल की लेटेस्ट रेट लिस्ट

भारतGujarat: दाहोद में शादी का खाना खाने से 400 से ज्यादा लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

विश्वVIDEO: मारपीट, धारदार हथियार और मिर्ची स्पे..., जर्मनी में गुरुद्वारे के अंदर भिड़े दो गुट, 11 घायल

विश्व"धमकियों के साये में कोई बातचीत नहीं", अमेरिका के साथ शांति वार्ता से पहले ईरान की दो टूक

विश्वअब डील पक्की! भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट की फाइनल तैयारी शुरू, खुलेंगे निवेश के नए रास्ते

अन्य खेल अधिक खबरें

अन्य खेलपुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप में भारत-पाकिस्तान, मैदान में फिर भिड़ेंगी दोनों टीमें; जानें कब और कहाँ होगा महामुकाबला

अन्य खेलकश्मीर में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गुलमर्ग छठे खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लिए तैयार

अन्य खेलएथलीट पीटी उषा के पति का निधन, 67 की उम्र में वी श्रीनिवासन ने ली अंतिम सांस

अन्य खेलतेजी से बदलती दुनिया में निजता का गंभीर सवाल...!

अन्य खेलविंटर ओलंपिक: बर्फ-गर्मी के बीच मुकाबला!