भारत की आजादी की बात करें या विकास की, हर क्षेत्र में महिलाओं का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पॉजिटिव स्टोरी की इस कड़ी में आज बात देश की उन महिलाओं की जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में ना सिर्फ अपना नाम कमाया है बल्कि देश का नाम भी ऊंचा किया है। यूएन वीमेन एशिया पैसिफिक ने ऐसे ही भारतीय महिलाओं को एक गाना डेडिकेट किया है। पिछले महीने रिलीज किये हुए इस गाने को 22 हजार से ज्यादा लोगों ने देख लिया है। मुझपे मेरा ही हक है के बोल पर बना यह गाना जितना लोगों को पसंद आ रहा है उतना ही लोग इसे इंन्सपायरिंग भी बता रहे हैं। आपको बताते हैं क्या है इस गाने की खासियत 

शुरू किया है वीडियो अभियान

ना कदमों ने कहा थमने के लिए, 
तो क्यूं रुक जाऊं जब चलते जाना मुझे पसंद हैं,
इस जमीन पर मेरा भी हक है,
मुझपर मेरा ही हक है...

इस खूबसूरत गाने के माध्यम से एक बार फिर यूएन ने महिलाओं के समर्पण और हक की बात बताई है। इस गाने को बनाया है एपी मुखर्जी ने और खूबसूरत आवाज दी है निती मोहन ने। वीडियो के बैकग्राउंड में आवाज दिया है सोशल एक्टिविस्ट, मॉडल और अभिनेत्री गुल पनाग ने। इस वीडियो में देश भर की उन महिलाओं को शामिल किया गया हैं जिन्होंने अपने काम को ईमानदारी से निभाया है और देश और दुनिया में अपना परचम लहरा रही हैं। कुछ ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं जो आने वाली पीढ़ी और समाज के तरक्की के लिए लगातार काम करती आ रही हैं। 

रिवॉल्वर दादी के साथ 10 वर्षीय किक बॉक्सिंग आर्टिस्ट भी है शामिल

इस वीडियो में रिवॉल्वर दादी के साथ कश्मीर की 10 साल की सबसे कम उम्र की किक बॉक्सिंग करने वाली लड़की को शामिल किया गया है। साथ ही मीना अम्मा, एश्वर्या राय बच्चन, वहीदा रहमान, जयपुर मेट्रो स्टेशन जहां 25 प्रतिशत महिलाएं ऑपरेटर्स का काम करती हैं उन्हें शामिल किया गया है। साथ ही दिल्ली की पहली महिला मोटरसाइकिल ग्रुप बाइकरानी के साथ बहुत सी इंस्पायरिंग महिलाओं को शामिल किया गया है। 

क्रिकेट खिलाड़ी मिताली राज के साथ कुछ अन्य बड़े नामों में अनुभवी गायक आशा भोसले, अभिनेता ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिनेता वहीदा रहमान, ट्रैक की रानी पीटी उषा, टेनिस चैंपियन सानिया मिर्जा, क्रिकेटर मिताली राज, पहलवान गीता फोगाट, पैरालाम्पिक चैंपियन दीपा मलिक और ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता गौरी भी शामिल हैं। 

इन प्रसिद्ध आंकड़ों में से, भारत के सड़कों, गांवों और शहरों में कई असंगत नायक और प्रगतिशील महिलाएं भी हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, अरको एपी मुखर्जी ने कहा, "मुझे इस कैम्पिंग में शामिल होकर काफी अच्छा लग रहा है क्योंकि महिला सशक्तिकरण का मुद्दा, दुनिया भर की महिलाओं के अधिकारों के लिए बहुत ही प्रासंगिक और दबाने वाला मुद्दा है। इस वीडियो के जरिए हम दुनिया को महिलाओं की शक्ति से और उनके हक से रुबरु करवाया है।"

इस वीडियो के बारे में 10 वर्षीय किकबॉक्सर ताजमुल के शब्दों में कहा जाए तो हर माता-पिता को अपनी लड़कियों का हर रूप में समर्थन करना चाहिए। वह जो करना चहती है उसमें उन्हें हमेशा स्पोर्ट करना चाहिए। हर लड़की के लिए आजादी होनी चाहिए। हर लड़की के माता-पिता को उसके सपने का पीछा करने के लिए अपनी लड़कियों को प्रोत्साहित करना और उनका समर्थन करना चाहिए। उन्हें उनकी पसंद की स्वतंत्रता दें, यह उनका जीवन है। 


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