कलाकार को लेकर महान चित्रकार पाब्लो पिकासो ने कहा था "हर बच्चा एक कलाकार होता है। बड़ी बात यह है कि हम बड़े होने पर उस कलाकार को कैसे जिंदा रखते हैं।" कला एक ऐसा शक्तिशाली माध्यम है जो समाज को बदलने का मद्दा रखता है और कला में पूरी तरह से क्रांति करने की क्षमता होती है। आज हम रोजमर्रा की समस्याओं से घिरे हुए हैं जो जीवन की एक महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक है। या यूं कह लें कि हम जीवन में इतने व्यस्त रहते हैं कि हमें दूसरा काम करना ही नहीं आता है। इन सभी में कलाकार या आर्टिस्ट ऐसा होता है जो जीवन के हर पल को जीता है। ऐसे ही कुछ आर्टिस्ट है जो हर पल अपने लिए तो जीते हैं साथ ही वो दूसरों के जीने की राह खोलते हैं। 

आज हम "कुछ पॉजिटिव करते हैं" की खास कड़ी में 6 ऐसे आर्टिस्ट के बारे में बताते हैं जिन्होंने समाज के बदलाव के लिए एक मुहिम छेड़ रखा है। वर्चुअल दुनिया की हकीकत को बयां कर इन कलाकारों को लोग बहुत कम ही जानते होंगे। लेकिन लोग इनके काम को बेहद ही प्रोत्साहित करते हैं। ये कलाकार अपनी सोच और समाज की हकीकत को आपके सामने रखते हैं। इन कलाकारों की हकीकत कभी-कभी इतनी हकीकत लगती है कि समाज का कोई वर्ग इनकी आलोचना भी करने लगता है। 

ऐसे कुछ आर्टिस्ट हैं जिन्होंने समाज को दिशा दिखाने का काम किया है। इनकी कहानी आम लोगों से कुछ अलग है। आइए जानते हैं इन छ आर्टिस्ट के बारे में- 

1. रोहन चक्रवर्ती 

रोहन चक्रवर्ती एक कार्टूनिस्ट है। रोहन दिल्ली में पर्यावरण को लेकर काॉमिक बनाते है। वो महज पर्यावरण को लेकर ही कॉमिक बनाते है। यह कॉमिक्स बेहद ही मजाकिया होते है और इसके अलावा इन कॉमिक्स के अंदर एक जोरदार संदेश भी होता हैं। रोहन चक्रवर्ती ने 400 से अधिक कार्टूनों के साथ, ग्रीन ह्यूमर के अंतर्गत सबसे बड़े ऑनलाइन कार्टून रिपॉजिटरी हैं जिनमें पर्यावरणीय समस्याएं दर्शायी गयी हैं। रोहन एक इंटरव्यू में कहते हैं कि ग्रीन ह्यूमर नाम से पता चलता है कि यहां सभी मुद्दे हरियाली से संबंधित होंगे।   

मजेदार चित्रों का उपयोग करके, रोहन ने प्रकृति संरक्षण, हरे रंग के कवर, ग्लोबल वार्मिंग के बारे में बात की और यहां तक कि अपने अनुयायियों को जानवरों और प्राकृतिक घटनाओं की विभिन्न प्रजातियों के बारे में शिक्षित करने की भी मांग की। हाल ही में, रोहन ने वन्यजीव ट्रस्ट ऑफ इंडिया के गज यात्रा अभियान के साथ मिलकर काम किया जहां उन्होंने हाथी संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक रंग-सह-कॉमिक पुस्तक बनाई।

2. सुदर्शन पट्टनायक

सुदर्शन पटनायक भारत के महान रेत-कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया में रेत-कलाकारी में नाम रोशन किया है। सुदर्शन ने रेत के ऊपर कई ऐसी कलाकृतियां पेश कीं, जिनकी जितनी भी तारीफ की जाए, कम है। बचपन में जब सुदर्शन के दोस्त पेन और पेंसिल का इस्तेमाल करते हुए चित्रकला करते थे, तब सुदर्शन पुरी के समंदर किनारे के रेत के ऊपर अपने दिल में भरा हुए दुख को कला के जरिये पेश करने की कोशिश करते थे।

सुदर्शन को कई अवार्ड्स मिल चुके हैं। 2014 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। 2008  में ओडिशा सरकार के द्वारा दिया जाने वाला 'सारला' अवार्ड से भी उनको नवाज़ा गया। सुदर्शन रेत-कलाकारी में 9 बार लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। 

3. रचिता तनेजा 

रचिता तनेजा एक कार्टुनिस्ट है जो अपने वेब कॉमिक सैनिटरी पैनल्स के लिए जानी जाती है। रचतिा तनेजा ने 2014 में वेब सैनिटरी पैनल्स की शुरुआत की थी। इनका कार्टून भले ही सिंपल और ब्लैक एंड व्हाइट होता है लेकिन इन कार्टूनों में उठे मुद्दे बेहद ही गंभीर और तीखे होते हैं। साल 2014 में अपने वेब कॉमिक सैनिटरी पैनल्स के चलते चर्चा में आई रचिता तनेजा मानवाधिकार प्रतिनिधि हैं और एक एनजीओ के लिए काम करती हैं। इनके एक फेसबुक के एक पोस्ट को लेकर विवाद हो गया और रचिता को धारा 66ए के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने अपने पोस्ट को लेकर कहा था कि जहां एक ओर लोग उस कॉमिक पोस्ट की तारीफ कर रहे थे वहीं दूसरी ओर लोगों द्वारा खूब आलोचनाएं भी की। उन्होंने कहा कि इससे मुझे प्रेरणा मिली और मैंने राजनीतिक, महिलाओं और सामाजिक मुद्दों को लगातर कई  कॉमिक्स बनाने लगी। 

रचिता की शुरुआत भले ही राजनीतिक मुद्दे से जुड़े कॉमिक्स से हुई हो, लेकिन आज उनकी पहचान एक फ़ेमिनिस्ट वेब कॉमिक आर्टिस्ट की है। ‘‘सैनिटरी पैनल्स पूरी तरह से फ़ेमिनिस्ट पैनल है। मेरे कॉमिक्स सभी के लिए समानता की बात करते हैं। दरअसल, लड़कियों को कहा जाता है कि आपको ग़ुस्सा आए या कोई बात ख़राब लगे तब भी चुप रहो। आवाज मत उठाओ, शांत रहना तुम्हारे स्वभाव में होना चाहिए, विनम्र रहो। लेकिन मैं अपने कॉमिक्स के माध्यम से कहना चाहती हूं कि आप हर तरह के एहसास को महसूस करने के लिए आज़ाद हैं।  

4. गणेश वानरे

गणेश वानरे एक फोटोग्राफर हैं। पानी के अंदर कुड़े की ढेर में खड़ी मॉडल की तस्वीर शायद आपको याद हो। यह तस्वीर सारी समस्याओं को दर्शाता है।  यह तस्वीर मुंबई के समुद्र तट की है जो गणेश द्वारा ली गई। यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इस फोटो में एक शानदार संदेश था। यह फोटो इंस्टाग्राम पर #FollowMeTo को समर्पित है। इसे सबसे पहले मास्को स्थित कपल्स मुराद ओस्मान और नतालिया ज़खारोवा ने प्रसिद्ध किया था। उन्होंने दुनिया भर के खूबसूरत जगहों पर हाथों से चित्रों को लिया था। 

गणेश ने कहा कि वे एक फोटो शूट के लिए समुद्र तट पर गए थे, हालांकि, समुद्र तट पर प्लास्टिक ने उन्हें अपना मन बदल दिया। 

5. झील गोराडिया

झील गोराडिया एक स्ट्रीट आर्टिस्ट हैं जो बॉलीवुड की फिल्मों के सीन और संवाद को ट्विस्ट करके सड़कों के किनारे स्थित दीवारों पर पेंट कर उकेरती हैं। झील गोराडिया हमेशा उन फिल्मों के सीन लेती हैं जहां महिला उत्पीड़न और रूढ़िवाद का भाव उत्पन्न होता है। झील गोराडिया चाहती थी कि वह 'ब्रेकिंग द साइलेंस' प्रोजेक्ट के जरिए उन सभी महिलाओं के लिए आवाज़ बनें जो यौन उत्पीड़न से गुजर चुकी है। 

झील गोराडिया आर्ट की छात्र है, 2012 से पहले कैनवास तक ही सीमित थीं लेकिन बाद में उन्होंने सड़कों का रुख किया। मुंबई की कुछ सबसे व्यस्त सड़कों अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने फिल्मों के चरित्र और सीन को लेकर दीवारों पर उकेरा। इन चित्रों पर एक कहानी होती है। उन्होंने दीवार पर एक चित्र उकेहा है जिसमें एक महिला साइकिल से जाती हुई दिखाई दे रही और उसके पीछे तीन आदमी भी जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मोहरा फिल्म का गाना 'तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त' गाने के बोल लगे हैं। इसके बाद उन्होंने लिखा 'Eve teasing' यानी छेड़छाड़। उन्होंने सीधा-सीधा महिलाओं हो रहे छेड़छाड़ पर प्रश्न उठाया है। ऐसे कई चित्र हैं जो संदेशों से भरे हुए हैं। 

6. बादल नंजुंडस्वामी

बादाल नानजुंडस्वामी एक भारतीय चित्रकार है। विजुअल आर्ट्स के चमराजजेन्द्र अकादमी के पूर्व छात्र, वह अपनी सड़क कला और 3 डी चित्रों के लिए सबसे लोकप्रिय हैं।


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