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MP हनी ट्रैप केस: पुलिस ने लोकस्वामी अखबार के संपादक पर किया 10,000 रुपये का इनाम घोषित

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 3, 2019 08:44 IST

संझा लोकस्वामी अखबार, इंदौर से प्रकाशित होने वाली अखबार है। लगातार दो दूसरे दिन शाम को भी अखबार को प्रकाशित नहीं किया गया था क्योंकि इंदौर प्रशासन ने इनके कार्यालय को सील कर दिया था। इसके बाद कार्रवाई की बात खबरों में आई थी।

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ठळक मुद्देपुलिस ने लोकस्वामी के संपादक और मालिक जितेंद्र सोनी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।मध्य प्रदेश में हनीट्रैप में शामिल सफेदपोशों व राजनेताओं के काले कारनामे का खुलासा किया है।

इंदौर पुलिस ने सोमवार को इंदौर के सांध्य समाचार पत्र सांझा लोकस्वामी के संपादक और मालिक जितेंद्र सोनी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। दरअसल, हैनी ट्रैप मामले से जुड़े एक लीक हुए वीडियो और ऑडियो के आधार पर खबर प्रकाशित करने को लेकर इनपर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस के इस कार्रवाई के बाद पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़ा होने लगा है कि हनी ट्रैप मामले में खुलासा करने के बाद इनके मालिकों के खिलाफ यह कार्रवाई क्यों हो रही है?

पूरा मामला क्या है-इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बता दें कि समाचार पत्र ने मध्य प्रदेश में हनीट्रैप में शामिल सफेदपोशों व राजनेताओं के काले कारनामे का खुलासा किया था। इन मामले में जिन लोगों को लेकर समाचार पत्र ने खुलासा किया उनमें एक वर्तमान विपक्षी दल के एक नेता और दूसरे शिवराज सिंह चौहान के करीबी एक अधिकारी का नाम भी शामिल था। इसी के बाद राज्य सरकार की पुलिस ने समाचार पत्र के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है।  

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले इस समाचार पत्र ने अपनी  वेबसाइट पर इस मामले से जुड़े एक वीडियो और एक ऑडियो क्लिप अपलोड किया। इसके साथ ही संकेत दिया कि इस मामले में खुलासा करते हुए विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रकाशित की जाएगी।  

इसके बाद हुई सरकारी अधिकारियों की कार्रवाई-इसके बाद से ही पुलिस, राजस्व, उत्पाद शुल्क सहित नौ विभागों के अधिकारियों के साथ इंदौर नगर निगम के अधिकारी ने सोनी के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घर पर छापा मारा। घंटों तक चली इस कार्रवाई के बाद, पुलिस ने मानव तस्करी, निर्माण और पार्किंग मानदंडों जैसे उल्लंघन और शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए।

पुलिस कार्रवाई में इंदौर नगर निगम के पूर्व अधीक्षण अभियंता हरभजन सिंह द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत एक शिकायत के बाद शाम को दो महिलाओं के साथ उनकी तस्वीरें प्रकाशित हुईं। आपको बता दें कि हरभजन सिंह सितंबर के मध्य में सामने आए इस हनी ट्रैप मामले में मूल शिकायतकर्ता थे।

पुलिस ने मामले में दिया अपना बयान-इंदौर के एसएसपी रूचि वर्धन मिश्रा ने कहा कि कार्यालय के लॉकरों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने कहा कि हरभजन सिंह ने यह भी बताया था कि अखबार मालिक के बार में महिलाओं का शोषण किया जाता था और उनकी तस्वीरों को दिखाकर संरक्षक को ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस ने कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है जो सोनी के नाम पर पंजीकृत नहीं थीं।

पुलिस ने यह भी कहा कि जबरन वसूली एक तरह से ब्लैकमेलिंग की जुर्म की ओर इशारा करता है।

अदालत में सीबीआई जांच को लेकर सुनवाई हो रही है-इस बीच, महाधिवक्ता शशांक शेखर ने इंदौर उच्च न्यायालय को शाम और उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई के विवरण से अवगत कराया। अदालत इस मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।

शेखर ने तर्क दिया कि अदालत को मामले की जांच कर रही एसआईटी को सोनी द्वारा प्रस्तुत पेन ड्राइव के आधा्र पर जांच आगे बढ़ानी चाहिए। भूमिगत होने से पहले, सोनी ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील मनोहर दलाल को पेन ड्राइव सौंप दी थी। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 67 महिलाओं को बार से बचाया गया था।

आपको बता दें कि एसआईटी ने पहले ही लैपटॉप में डिजिटल साक्ष्य और पांच आरोपियों से जब्त मोबाइलों को जांच के लिए भेजा है। आपको बता दें कि पूर्व निगम अधिकारी हरभजन सिंह ने शिकायत की थी कि उन्हें 3 करोड़ रुपये लेकर ब्लैकमेल किया जा रहा था।

महाधिवक्ता ने कहा कि यदि प्रयोगशाला में डेटा अन्य डेटा से मेल खाता है या छेड़छाड़ किया गया था तो प्रयोगशाला विश्लेषण साबित होगा।

तीसरी बार अमित को अखबार के कार्यालय ले गई पुलिस-

सोमवार को पुलिस जांच के लिए तीसरी बार अखबार कार्यालय पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र के अनुसार लोकास्वामी कार्यालय में रखे लॉकरों में कुछ अहम दस्तावेज मिलने की संभावना है जिसके चलते मुख्य आरोपी जीतू सोनी के बेटे अमित को लेकर टीम वहां पहुंची और जांच की।

वहीं, सोमवार को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में हनी ट्रैप मामले में दायर जनहित याचिका पर भी सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता दिग्विजयसिंह के वकील मनोहर दलाल ने कोर्ट में प्रस्तुत सीडी रिकॉर्ड पर लेने के साथ मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। वहीं हनी ट्रैप मामले में फरियादी हरभजन सिंह के वकील अविनाश सिरपुरकर ने मामले के संबंध में प्रकाशित होने वाले समाचारों के साथ ही सामने आ रहे ऑडियो-वीडियो पर रोक लगाने की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है।

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