उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बाद कौन?, क्या शरद पवार के साथ फिर से विलय, आखिर क्या कह रहे राजनीतिक विश्लेषक बोले?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 28, 2026 17:20 IST2026-01-28T17:17:56+5:302026-01-28T17:20:31+5:30

महाराष्ट्र में 2024 में हुए विधानसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 132 विधायक, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 57 और पवार की राकांपा के पास 41 विधायक हैं।

Who after Deputy Chief Minister Ajit Pawar merger Sharad Pawar again? Political analysts said future also in danger | उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बाद कौन?, क्या शरद पवार के साथ फिर से विलय, आखिर क्या कह रहे राजनीतिक विश्लेषक बोले?

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Highlightsशरद पवार के साथ उसके भविष्य के संबंधों पर सवाल उठने लगे हैं।हाल के महीनों में दोनों गुटों के बीच संबंधों में नरमी देखी गई 41 विधायक शरद पवार की ओर वापस न चले जाएं।

मुंबईः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार को विमान दुर्घटना में हुई मौत से न सिर्फ राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में खालीपन पैदा हो गया है, बल्कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के भविष्य पर भी खतरा मंडराने लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पवार के निधन के बाद राकांपा में नेतृत्व का संकट गहरा सकता है, क्योंकि पार्टी में कोई स्पष्ट दूसरा चेहरा नहीं है। चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ के अपना निर्विवाद नेता खो देते ही पार्टी के अस्तित्व और संस्थापक शरद पवार के साथ उसके भविष्य के संबंधों पर सवाल उठने लगे हैं।

शरद पवार का राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल इस साल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या राकांपा शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) के साथ फिर से एकजुट हो सकती है, खासकर इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में दोनों गुटों के बीच संबंधों में नरमी देखी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह सुनिश्चित करना होगा कि अजित पवार के साथ जुड़े 41 विधायक शरद पवार की ओर वापस न चले जाएं। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और राजनीतिक रूप से सक्रिय रही हैं, हालांकि उनके पास प्रशासनिक अनुभव की कमी है।

राकांपा के पास एक लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे और दो राज्यसभा सदस्य-प्रफुल्ल पटेल तथा सुनेत्रा पवार हैं। हाल ही हुए स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राकांपा के संस्थापक शरद पवार सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। वहीं, उनकी बेटी और राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया, लेकिन वह अपने चचेरे भाई अजित पवार के सामने कहीं नहीं टिक पाईं।

राज्य की राजनीति में अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा में राकांपा (एसपी) के संभावित विलय को लेकर अटकलें तेज थीं। हालांकि, विमान दुर्घटना में अजित पवार की असामयिक मौत से उनके गुट के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।

राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के अलावा पार्टी के पास अजित पवार का उत्तराधिकारी बनने में सक्षम कोई वरिष्ठ नेता नहीं है। एक अन्य बड़े जनाधार वाले नेता छगन भुजबल हैं, लेकिन वह वर्तमान में अस्वस्थ हैं। हालांकि, पटेल और तटकरे पार्टी संगठन के प्रमुख चेहरे रहे हैं, लेकिन राज्य भर में जमीनी स्तर पर उनका अजित पवार के बराबर जुड़ाव नहीं है।

महाराष्ट्र में 2024 में हुए विधानसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 132 विधायक, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 57 और पवार की राकांपा के पास 41 विधायक हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश अकोलकर ने बताया कि राकांपा के दोनों गुट पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव में ‘घड़ी’ चिह्न पर एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं, जो प्रभावी रूप से एक अनौपचारिक विलय का संकेत है।

Web Title: Who after Deputy Chief Minister Ajit Pawar merger Sharad Pawar again? Political analysts said future also in danger

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