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10 सरकारी बैंक मर्ज होकर 4 बैंक बनेंगे, जानें सरकारी बैंकों के विलय होने के फायदे

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: August 31, 2019 09:38 IST

सरकार ने देश में 27 सरकारी बैंकों को आपस में विलय कर 12 बैंक बनाने का जो ऐलान किया. पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय किया जाएगा, जिससे यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के ऐलान के दौरान ही सरकार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.

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ठळक मुद्देआने वाले समय में सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों को मर्ज कर 4 बड़े बैंक बनाए जाएंगे. अर्थव्यवस्था में नकदी बढ़ाने के लिए सरकार NBSC और गृह ऋण से संबंधित संस्थाओं को 3300 करोड़ रु पए का पूंजीगत समर्थन देगी.

मंदी की मार से सुस्त होते जा रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के मेगा मर्जर (कंसॉलिडेशन प्लान) का ऐलान किया.

आने वाले समय में सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों को मर्ज कर 4 बड़े बैंक बनाए जाएंगे. पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय किया जाएगा, जिससे यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के ऐलान के दौरान ही सरकार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार यह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में घटकर महज 5 फीसदी रह गई है, जो वर्ष 2013 के बाद साढ़े छह वषार्ें का सबसे निचला स्तर है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अर्थव्यवस्था में नकदी बढ़ाने के लिए सरकार एनबीएससी और गृह ऋण से संबंधित संस्थाओं को 3300 करोड़ रु पए का पूंजीगत समर्थन देगी.

विलय से भारतीय बैंकों का थोड़ा नुकसान होता दिखाई देता है लेकिन व्यापक तौर पर यह फायदेमंद है.

- बड़े बैंकों को उच्च पूंजी बना कर रखनी होती है, क्योंकि इससे नियामक व सरकार द्वारा जायज मदद की संभावनाएं बढ़ती है.

- बड़े बैंक अल्प व दीर्घकालिक तरलता का प्रबंधन कर सकते हैं और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर लगाम लगा सकते हैं.

- बैंकों का आकार बड़ा करना ना केवल अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे व्यावसायिक लागत में भी कमी आती है. - एक और लाभ यह है कि तकनीकी दक्षता बढ़ती है, जिससे बैंकों में होने वाला लेन-देन अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार होते हैं.

- दक्षता बढ़ने से बैंकिंग उत्पाद व सेवाओं में भी गुणवत्ता बढ़ती है.

- व्यावसायिक मानकों में सुधार के अलावा बैंकों का बड़ा आकार होने से भारतीय बैंकिंग प्रणाली सुदृढ़ बनेगी, खास तौर पर पीएसबी की.

- आरबीआई बैंकिंग क्षेत्र में विश्व की सर्वश्रेष्ठ प्रणाली का अनुसरण कर रहा है.

- नरसिह्मन कमेटी (1991-1998) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय करने की सिफारिश की थी.

टॅग्स :निर्मला सीतारमणपंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी)मोदी सरकार
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