झारखंड के पश्चिम सिंहभूम में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 15 माओवादी ढेर, 1 करोड़ का इनामी अनल मारा गया
By एस पी सिन्हा | Updated: January 22, 2026 18:06 IST2026-01-22T18:04:59+5:302026-01-22T18:06:16+5:30
सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि इलाके में नक्सली बड़ी घटना की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद घेराबंदी शुरू की गई। गुरुवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही।

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पटनाः झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में गुरुवार की सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 15 माओवादियों के ढेर होने की सूचना है। इसके साथ ही 1 करोड़ का इनामी माओवादी नेता अनल भी मारा गया है। यह मुठभेड़ छोटा नगरा थाना क्षेत्र के घने और दुर्गम जंगलों में उस समय हुई, जब नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान शुरू किया था। यह मुठभेड़ प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के कुख्यात अनल दस्ते के साथ हुई है। बताया जाता है कि सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि इलाके में नक्सली बड़ी घटना की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद घेराबंदी शुरू की गई। गुरुवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही।
डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के सीनियर अफसरों को सारंडा के जंगली इलाकों में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर कोबरा झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की ज्वाइंट टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षाबल जैसे ही उनके करीब पहुंचे, तो खुद को घिरा देख नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख कुछ नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। सुरक्षाबलों की ओर से इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में कई बड़े नक्सली सक्रिय हैं। इसमें माओवादी संगठन के टॉप लीडर मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु और अनल शामिल हैं। इसके अलावा असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा अपने दस्ता सदस्यों के साथ इस इलाके में भ्रमणशील हैं।
इसको लेकर सुरक्षाबल और पुलिस लगातार अभियान चला रही है। बताया जाता है कि दो दिन पहले सीआरपीएफ के डीजी जिला पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई थी। करीब घंटेभर चली इस बैठक में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने का निर्देश भी दिया गया था। मौजूदा समय में सारंडा में 32 लाख से लेकर 1 करोड़ 20 लाख तक के इनामी कई नक्सलियों के होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है। समाचार लिखे जाने तक इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और रुक-रुक कर फायरिंग की आवाजें सुनाई दे रही हैं। कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा है कि अभियान जारी है और विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
डीआईजी ने कहा कि सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके को घेर लिया गया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं.।झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी अभियान माइकल राज ने बताया कि सुबह से ही सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है।
उन्होंने कहा कि अब भी रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है और नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है। बता दें कि हाल के महीनों में चाईबासा और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। जून 2025 में भी चाईबासा के टोंटो और गोइलकेरा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में चार नक्सलियों की मौत हुई थी, जिनमें संगठन के वरिष्ठ कमांडर शामिल थे। वर्ष 2026 में नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ की यह पहली घटना है। वर्ष 2025 में पुलिस और सुरक्षाबलों ने राज्य में 25 से भी ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया था।