लाइव न्यूज़ :

हम अपने जवानों के खून की एक भी बूंद बेकार नहीं जाने देंगे, एक इंच भी घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेंगेः शाह

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 17, 2019 19:50 IST

समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा नीति नहीं अपनाने को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि देश की विदेश नीति सामरिक नीति पर भारी थी। उन्होंने कहा, ‘‘सर्जिकल हमले और हवाई हमले के बाद से दुनिया का नजरिया बदला है और भारत की ताकत को वैश्विक स्तर पर पहचाना गया है।’’

Open in App
ठळक मुद्देसेना ने 29 सितंबर, 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जम्मू कश्मीर के उरी में एक ब्रिगेड मुख्यालय पर आतंकियों के हमले के बाद सेना ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार भारत के क्षेत्र में किसी भी तरह की सेंध को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसी किसी भी गतिविधि से कड़ाई से निपटने के लिए वह तैयार है।

शाह ने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को पांच अगस्त को समाप्त करने के बाद से राज्य के हालात शांतिपूर्ण रहे हैं तथा एक भी गोली नहीं चली है। तब से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने यहां अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। हम अपने क्षेत्र में एक इंच भी घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम इससे मजबूती से निपटेंगे। हम अपने जवानों के खून की एक भी बूंद बेकार नहीं जाने देंगे।’’

समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा नीति नहीं अपनाने को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि देश की विदेश नीति सामरिक नीति पर भारी थी। उन्होंने कहा, ‘‘सर्जिकल हमले और हवाई हमले के बाद से दुनिया का नजरिया बदला है और भारत की ताकत को वैश्विक स्तर पर पहचाना गया है।’’

सेना ने 29 सितंबर, 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जम्मू कश्मीर के उरी में एक ब्रिगेड मुख्यालय पर आतंकियों के हमले के बाद सेना ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ की एक बस को विस्फोट में उड़ाने के बाद बालाकोट में एक आतंकी ठिकाने पर वायु सेना ने इस साल 26 फरवरी को हमला किया। जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को समाप्त किये जाने के फैसले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह फैसला ‘अखंड भारत’ की ओर महत्वपूर्ण कदम था।

गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले हर जगह अव्यवस्था थी। सीमा पर कोई सुरक्षा नहीं थी। लोगों को बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली पर विश्वास नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपको याद हो तो 2013 में हर जगह गहरी निराशा का माहौल था। हर मंत्री खुद को प्रधानमंत्री समझने लगा था, वहीं प्रधानमंत्री को कोई प्रधानमंत्री नहीं समझता था।’’

शाह ने कहा कि 2014 में मिले ऐतिहासिक जनादेश के साथ 30 साल से चल रहा गठबंधन सरकारों का युग समाप्त हो गया और पहली बार कोई गैर-कांग्रेसी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ काबिज हुई। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘2014 से 2019 तक जनता ने एक निर्णायक सरकार देखी।

सामान्य तौर पर 30 साल में पांच बड़े फैसले लिये गये। लेकिन मोदी सरकार के पहले पांच साल में 50 बड़े फैसले लिये गये। जीएसटी, नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक वन पेंशन और अब अनुच्छेद 370 तथा अनुच्छेद 35 ए पर फैसले। ये साहसिक निर्णय रहे।’’

शाह ने कहा कि मोदी सरकार कभी कोई फैसला किसी को संतुष्ट करने के लिए नहीं लेती बल्कि जनता के कल्याण के लिए लेती है। उन्होंने कहा, ‘‘सुशासन की वजह से आठ देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार है। उसने शौचालय बनाए और सुधार भी किये।’’ सरकार की सुधार संबंधी पहलों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि शुरूआत में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं लेकिन ऐसी कठिनाइयां जल्द समाप्त हो जाएंगी।

उन्होंने उद्योग जगत से इस स्थिति का सामना करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इससे सभी का भला होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी में कुछ समस्याएं थीं। लेकिन मुझे बताइए कि किस बड़े फैसले में दिक्कतें नहीं होतीं। कुछ सुधार के कदम उठाने की जरूरत हो सकती है।’’

शाह ने कहा, ‘‘शुरू में आपके सामने कुछ कठिनाइयां आएंगी लेकिन अंत में सुधार से अच्छे परिणाम मिलते हैं।’’ शाह ने सड़क निर्माण, नयी रेल लाइनों, गैस कनेक्शन, विद्युतीकरण, शौचालय के निर्माण आदि से संबंधित सरकार की योजनाएं भी गिनाईं।

उन्होंने कहा, ‘‘2022 तक हर परिवार के पास अपना घर होगा जिनका अपना गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, शौचालय और बैंक खाता होगा। हम लोगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दे रहे हैं।’’ मोदी सरकार के निर्णायक फैसलों के संदर्भ में शाह ने कहा कि एयर स्ट्राइक की बात होती है तो सभी गर्व का अनुभव करते हैं लेकिन यह आसान फैसला नहीं था क्योंकि ऐसे साहसिक निर्णय लेने से पहले कई चीजों पर विचार करना होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सवाल थे, ‘‘क्या युद्ध छिड़ेगा? युद्ध हुआ तो क्या होगा? लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने दुनिया में भारत के बारे में धारणा को बदल दिया।’’ 

टॅग्स :धारा ३७०आर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)अमित शाहजम्मू कश्मीरपाकिस्तानकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल